Suvendu Adhikari PA Murder: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाला नाम राज सिंह का सामने आया है, जिसे पुलिस इस मर्डर मिस्ट्री का प्रमुख 'शार्पशूटर' मान रही है। गिरफ्तारी के वक्त राज सिंह के पास मौजूद गाड़ी और उसकी पहचान से जुड़ी कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं, जिसने जांच की दिशा बदल दी है।
राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद जो जानकारी सामने आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, राज सिंह एक पेशेवर कॉन्ट्रैक्ट किलर है। जिस गाड़ी का इस्तेमाल साजिश के दौरान या फरार होने के लिए किया गया, उस पर 'अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा' लिखा पाया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या वह वाकई इस संगठन से जुड़ा है या फिर यह केवल पुलिस और टोल नाकों पर चेकिंग से बचने के लिए एक 'कवर' के रूप में इस्तेमाल किया गया था।
राज सिंह को उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमाओं के पास से दबोचा गया है। माना जा रहा है कि वह भाड़े के हत्यारों के उस गिरोह का हिस्सा है, जो सुपारी लेकर हत्याओं को अंजाम देता है।
एक छोटी सी गलती से पकड़ा गया शातिर अपराधी
राज सिंह और उसके साथियों विशाल श्रीवास्तव व मयंक मिश्रा ने हत्या के बाद भागते समय एक गलती कर दी। कोलकाता के पास बाली (Bally) टोल प्लाजा पर हमलावरों ने नकदी के बजाय UPI के जरिए भुगतान किया। इस डिजिटल ट्रांजैक्शन ने पुलिस को एक मोबाइल नंबर और बैंक खाते का सुराग दे दिया। इसी ट्रेल का पीछा करते हुए पश्चिम बंगाल की SIT ने यूपी और बिहार पुलिस के साथ मिलकर इन तीनों को धर दबोचा।
'शार्पशूटर' ने 40 लाख में ली थी सुपारी
जांच में पता चला है कि यह कोई साधारण मर्डर नहीं, बल्कि एक पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया 'कॉन्ट्रैक्ट किलिंग' था। राज सिंह और उसके साथियों ने महज 50 सेकंड के भीतर पूरी वारदात को अंजाम दिया। उन्हें पता था कि चंद्रनाथ रथ कार की फ्रंट सीट पर बैठे हैं। उन पर सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल ग्लॉक से करीब 10 राउंड फायरिंग की गई।
शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इस हत्या के लिए ₹40 लाख की भारी-भरकम सुपारी दी गई थी। पुलिस अब उस मास्टरमाइंड की तलाश में अयोध्या और बक्सर में छापेमारी कर रही है, जिसने यह रकम दी।
कोयला और मवेशी तस्करी से जुड़े हैं तार?
चंद्रनाथ रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से थे। वे कोयला माफिया और मवेशी तस्करी से जुड़ी कई संवेदनशील फाइलों और जांचों का काम देख रहे थे। पुलिस को शक है कि राज सिंह को इन्हीं माफिया गिरोहों ने काम पर लगाया था ताकि वे अपने खिलाफ बन रहे सबूतों को मिटा सकें।
'बेगुनाह है मेरा बेटा...'
गिरफ्तार आरोपी राज सिंह की मां जामवंती सिंह ने अपने बेटे को बेगुनाह बताते हुए दावा किया है कि घटना के समय राज कोलकाता में नहीं बल्कि बलिया और लखनऊ में था। उनके अनुसार, राज 4 तारीख से 6 तारीख तक अपने घर पर ही मौजूद था और उसने बलिया के 'ड्रेसलैंड' से खरीदारी भी की थी, जिसके सीसीटीवी फुटेज सबूत के तौर पर देखे जा सकते हैं।
उसकी मां का कहना है कि वे लोग लखनऊ में एक एमएलसी की बेटी की शादी में शामिल होने गए थे और वापसी में अंबेडकरनगर व अयोध्या में दर्शन करने के बाद जब बलिया लौट रहे थे, तभी एसओजी की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। जामवंती सिंह ने रोते हुए न्याय की गुहार लगाई और कहा कि उनके बेटे का कोलकाता में कोई परिचित तक नहीं है, उसे साजिश के तहत फंसाया गया है।