मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने शनिवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए सीटों के बंटवारे का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के उम्मीदवारों की सूची भी जारी की, जिसमें चेन्नई के कई अहम सीटों के उम्मीदवार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि डीएमके कुल 234 सीटों में से 164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकी 70 सीटें उसके सहयोगी दलों को दी गई हैं।
164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी DMK
मीडिया से बात करते हुए स्टालिन ने गठबंधन को अंतिम रूप देने में हुई देरी पर उठे सवालों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सहयोगी दलों के साथ “धैर्यपूर्वक बातचीत” करने में समय लगा, लेकिन यह एक संतुलित और मजबूत समझौता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था।
यहां से चुनाव लड़ेंगे स्टालिन
तमिलनाडु चुनाव में कांग्रेस गठबंधन की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बनकर उभरी है, जिसे 28 सीटें मिली हैं। इसके अलावा अन्य सहयोगियों में देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम को 10 सीटें, विदुथलाई चिरुथैगल कड़गम को 8 सीटें, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) को 5-5 सीटें, और मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को 4 सीटें दी गई हैं। बाकी बची सीटों पर छोटी पार्टियां चुनाव लड़ेंगी। सीट बंटवारे और उम्मीदवारों की सूची के मुताबिक, मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन एक बार फिर कोलाथुर सीट से चुनाव लड़ेंगे। वहीं उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी (ट्रिप्लिकेन) से दोबारा उम्मीदवार बनाया गया है। इससे चेन्नई के महत्वपूर्ण इलाकों में पार्टी की पकड़ और मजबूत होती नजर आ रही है। इससे पहले डीएमके के वरिष्ठ नेता टी. आर. बालू ने निर्वाचन क्षेत्रों को अंतिम रूप देने को लेकर मीडिया को जानकारी दी थी।
तमिलनाडु चुनाव में कई बड़े और चर्चित निर्वाचन क्षेत्रों ने लोगों का ध्यान खींचा है। कोयंबटूर दक्षिण सीट पर मंत्री सेंथिल बालाजी करूर छोड़कर यहां से चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे यह सीट एक अहम शहरी मुकाबला बन गई है। इसके अलावा मदुरै मध्य, तिरुची पश्चिम — जिसका प्रतिनिधित्व मंत्री के. एन. नेहरू करते हैं और मन्नारगुडी, जहां मंत्री टी. आर. बी. राजा का कब्जा है, ऐसी प्रमुख सीटें हैं जहां मौजूदा मंत्री फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। अन्य महत्वपूर्ण मुकाबलों में आई. पेरियासामी के लिए डिंडीगुल, अनबिल महेश पोय्यामोझी के लिए तिरुवेरुम्बुर और गीता जीवन के लिए थूथुकुडी शामिल हैं।
गठबंधन में कांग्रेस को मिली सीटों में वेलाचेरी और इरोड पूर्व फिर से उसके हिस्से में आई हैं। वहीं ऊधगमंडलम (ऊटी) में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है। कांग्रेस की अन्य अहम सीटों में श्रीपेरुम्बुदूर, कुड्डालोर, मायिलादुथुराई, शिवकाशी, कृष्णगिरी और कन्याकुमारी क्षेत्र की सीटें जैसे विलावन्कोड और किल्लियूर शामिल हैं। वहीं सहयोगी दलों में वामपंथी पार्टियों को भी अहम सीटें मिली हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी तिरुप्पुर (उत्तर) और भवानीसागर से चुनाव लड़ेगी, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पलानी और तिरुवोत्रियूर सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
गठबंधन में विदुथलाई चिरुथैगल कड़गम को कट्टुमन्नारकोविल और तिरुप्पोरुर जैसे निर्वाचन क्षेत्र दिए गए हैं। वहीं मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम मदुरै दक्षिण और सिरकाज़ी सहित कई सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके अलावा देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम विरुधुनगर, सेलम पश्चिम और तिरुथानी जैसे क्षेत्रों पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली पार्टी रविवार, 29 मार्च को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी करने वाली है।