Tamil Nadu CM Vijay: जोसेफ विजय बने तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री! इन मंत्रियों ने भी ली शपथ, कब तक गठबंधन सरकार चला पाएंगे TVK प्रमुख?

Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Oath Ceremony: तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख विजय ने रविवार (10 मई) को तमिलनाडु के नौवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। इसी के साथ थलापति विजय 1967 के बाद DMK और AIADMK खेमों से बाहर के ऐसे पहले नेता बन बन गए हैं, जो तमिलनाडु का नेतृत्व करेंगे

अपडेटेड May 10, 2026 पर 10:31 AM
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Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Oath Ceremony: जोसेफ विजय के साथ नौ मंत्रियों ने भी शपथ ली है

Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Oath Ceremony: तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने आखिरकार रविवार (10 मई) को तमिलनाडु के नौवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में विजय को सीएम पद की शपथ दिलाई। विजय के साथ कुल 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

नए मंत्रिमंडल में एस कीर्तना के रूप में एक महिला मंत्री शामिल हैं। इस समारोह के साथ ही तमिलनाडु में पहली बार किसी गैर-द्रविड़ दल की सरकार बनी है। इसी के साथ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) तथा द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के परंपरागत वर्चस्व का अंत हो गया है।

9 मंत्रियों ने ली शपथ


राज्यपाल आर्लेकर ने विजय के नए मंत्रिमंडल को भी पद की शपथ दिलाई। विजय के मंत्रिमंडल में बुस्सी एन आनंद, आधव अर्जुन, के ए सेंगोट्टैयन, एस कीर्तना के अलावा के जी अरुणराज, पी वेंकटरमणन, सी टी आर निर्मल कुमार, ए राजमोहन और के टी प्रभु शामिल हैं। विजय के 13 मई तक या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत के जरिए बहुमत साबित करने की संभावना है।

विजय ने शनिवार को राज्यपाल आर्लेकर से मुलाकात कर उन्हें वीसीके (विदुथलाई चिरूथईगल काची) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) से मिला समर्थन पत्र सौंपा। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त किया। वीसीके और आईयूएमएल के पास दो-दो सीट हैं। राज्यपाल ने समर्थन को लेकर विजय से करीब एक घंटे तक बातचीत की।

13 मई को फ्लोर टेस्ट की संभावना

राज्यपाल आर्लेकर ने विजय को 13 मई या उससे पहले विश्वास मत हासिल करने का समय दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। दोनों पार्टियों के समर्थन को मिलाकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सीट की संख्या अब 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 हो गई है। लोकभवन की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संविधान के प्रावधानों के तहत राज्यपाल आर्लेकर ने विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त किया।

चेन्नई में उत्साह का माहौल

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय के शपथ ग्रहण के साक्षी बनने के लिए रविवार को हजारों लोग चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में जुट हुए। पूरा परिसर उत्साह से सराबोर नजर आया। कांग्रेस सांसद प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई प्रमुख हस्तियां समारोह में शामिल होने के लिए रविवार सुबह चेन्नई हवाई अड्डे पहुंचीं। इससे द्रविड़ राजनीति के गढ़ में हुए इस राजनीतिक बदलाव के राष्ट्रीय महत्व का संकेत मिलता है।

समारोह स्थल के भीतर माहौल बेहद उत्साहपूर्ण दिखा। सुबह से ही पहुंच रही भीड़ की भावनाओं को व्यक्त करते हुए एक समर्थक ने कहा, "हम थलापति की वजह से बहुत खुश हैं।" टीवीके नेता बुस्सी आनंद स्टेडियम में सबसे पहले पहुंचने वालों में शामिल रहे। स्टेडियम में अति विशिष्ट व्यक्तियों की मौजूदगी के कारण और लोगों की भारी भीड़ को संभालने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कई समर्थक इस जीत को स्थापित राजनीतिक व्यवस्था के ध्वस्त होने के रूप में देख रहे हैं।

अभिनेत्री सनम शेट्टी ने पत्रकारों से कहा कि यह क्षण तमिलनाडु की राजनीति के लिए एक बड़ी सफलता है। टीवीके विधायक वी पांडी ने कहा कि नयी सरकार महिलाओं के कल्याण और युवाओं को रोजगार देने को प्राथमिकता देगी। उन्होंने प्रशासनिक बदलाव से जुड़ी चिंताओं को खारिज किया और भ्रष्टाचार से मुक्त स्वच्छ और ईमानदार सरकार देने का वादा किया। इस दिन का भावनात्मक महत्व विजय के पिता एस ए चंद्रशेखर के आवास पर सबसे अधिक दिखाई दिया।

कब तक चल पाएगी विजय की गठबंधन सरकार?

विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीती थीं, जो बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 10 कम थीं। इस चुनाव में एमके स्टालिन की DMK को जबरदस्त झटका लगा है। AIADMK भी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने में नाकाम रही। तमिलनाडु की जनता ने साफ तौर पर बदलाव के लिए वोट दिया था। इसमें कुछ दिन लगे। लेकिन विजय की TVK ने कांग्रेस, वामपंथी दलों, VCK और IUML की मदद से अब वह जादुई आंकड़ा पार कर लिया है जिसकी उन्हें तमिलनाडु का नया मुख्यमंत्री बनने के लिए जरूरत थी। विजय के पास अब 120 विधायकों का समर्थन है।

लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या थलापति विजय बहुत कम बहुमत के साथ एक स्थिर सरकार चला पाएंगे? AIADMK खेमे में घबराहट और अवसर दोनों दिखाई दे रहा है। 4 मई की रात जब तमिलनाडु के चुनावी नतीजों में NDA को करारी हार का सामना करना पड़ा, तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने देर रात तक आपस में गहन मंत्रणा की। एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने फौरन भांप लिया कि पुरानी राजनीतिक व्यवस्था अब ढहने की कगार पर है।

EPS ने तुरंत DMK नेता उदयनिधि स्टालिन से संपर्क साधा। कहा जाता है कि EPS ने MK स्टालिन के अपनी सीट हारने पर दुख जताया था। कई पीढ़ियों से DMK और AIADMK के कार्यकर्ता एक-दूसरे को कट्टर दुश्मन मानते आए थे। पूरा राजनीतिक करियर ही एक-दूसरे पर हमला करने में बीत गया था। लेकिन अब दबी जबान में यह चर्चा शुरू हो गई है कि दोनों खेमों के कुछ लोग एक ऐसी बात पर विचार कर रहे हैं जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। दोनों आने वाले समय में विजय को रोकने के लिए हाथ मिला सकते हैं। अब सभी की निगाहें बहुमत परिक्षण पर टिकी हुई है।

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