Vijay Thalapathy News: तमिलनाडु में आज से 'विजय राज' की शुरुआत! 10 बजे लेंगे सीएम पद की शपथ, कब तक टिक पाएगी TVK सरकार?

Tamil Nadu CM Vijay Oath Ceremony: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार (10 मई) को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने जा रहे सी जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। विजय के शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी के अलावा विपक्ष के कुछ अन्य नेता भी मौजूद रह सकते हैं। टीवीके प्रमुख रविवार सुबह 10 बजे चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में शपथ लेंगे।

अपडेटेड May 10, 2026 पर 8:30 AM
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Thalapathy Vijay Oath Ceremony: TVK प्रमुख विजय आज सुबह 10 बजे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे

Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Oath Ceremony: तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख विजय आज यानी रविवार (10 मई) को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ लेने के बाद थलापति विजय 1967 के बाद DMK और AIADMK खेमों से बाहर के ऐसे पहले नेता बन जाएंगे जो तमिलनाडु का नेतृत्व करेंगे। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शनिवार (9 मई) को टीवीके प्रमुख विजय को राज्य का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया।

लोकभवन से प्राप्त जानकारी के अनुसार शपथ ग्रहण रविवार को सुबह 10 बजे चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में होगा। राज्यपाल आर्लेकर ने विजय को 13 मई या उससे पहले तक विश्वास मत हासिल करने का समय दिया।

विजय ने राज्यपाल आर्लेकर से मुलाकात कर उन्हें वीसीके (विदुथलाई चिरूथईगल काची) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) से मिला समर्थन पत्र सौंपा जिसके बाद राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त किया। वीसीके और आईयूएमएल के पास दो-दो सीट हैं। राज्यपाल ने आवश्यक समर्थन को लेकर विजय से करीब एक घंटे तक बातचीत की।


दोनों पार्टियों के समर्थन को मिलाकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सीट की संख्या अब 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 हो गई है। लोकभवन की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संविधान के प्रावधानों के तहत राज्यपाल आर्लेकर ने विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त किया है। राज्यपाल ने विजय को मंत्रिमंडल के गठन के लिए भी आमंत्रित किया है।

इसके अलावा, आर्लेकर ने विजय को 13 मई या उससे पहले विश्वास मत हासिल करने का समय दिया। विजय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सेल्वपेरुंथगई और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव पी. षणमुगम सहित सहयोगी दलों के नेताओं के साथ राज्यपाल से मुलाकात की।

टीवीके के संस्थापक नेता ने राज्यपाल से उन्हें सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित करने का आग्रह किया था। विजय चौथी बार लोकभवन में राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे। इस बीच, टीवीके कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में पटाखे फोड़े, मिठाइयां बांटीं और बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर जश्न मनाया।

राहुल गांधी होंगे शामिल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने जा रहे सी जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। सूत्रों ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी के अलावा विपक्ष के कुछ अन्य नेता भी मौजूद रह सकते हैं।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तमिलनाडु के दौरे पर जाने के लिए रविवार सुबह IGI हवाई अड्डे पर दिखाई दिए। कांग्रेस नेता माणिकम टैगोर ने विजय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य बदलाव और आशा की उम्मीद कर रहा है।

टैगोर ने कहा, "लोग सामाजिक न्याय, समानता, विकास और मानवीय शासन पर आधारित समावेशी तमिलनाडु की उम्मीद करते हैं। हमारा मानना है कि विजय के नेतृत्व में एक जन-केंद्रित, पारदर्शी, सुशासित प्रशासन स्थापित किया जाएगा।"

कब तक चल पाएगी सरकार?

TVK ने 108 सीटें जीती थीं, जो बहुमत के आंकड़े से सिर्फ़ 10 कम थीं। इस चुनाव में DMK को जबरदस्त झटका लगा है। AIADMK भी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने में नाकाम रही। तमिलनाडु की जनता ने साफ तौर पर बदलाव के लिए वोट दिया था। इसमें कुछ दिन लगे। लेकिन विजय की TVK ने कांग्रेस, वामपंथी दलों, VCK और IUML की मदद से अब वह जादुई आंकड़ा पार कर लिया है जिसकी उन्हें तमिलनाडु का नया मुख्यमंत्री बनने के लिए जरूरत थी। विजय के पास अब 120 विधायकों का समर्थन है।

लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या विजय बहुत कम बहुमत के साथ एक स्थिर सरकार चला पाएंगे? AIADMK खेमे में घबराहट और अवसर दोनों दिखाई दे रहा है। 4 मई की रात जब तमिलनाडु के चुनावी नतीजों में NDA को करारी हार का सामना करना पड़ा, तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने देर रात तक आपस में गहन मंत्रणा की। एडप्पादी के. पलानीस्वामी यानी EPS ने फौरन भांप लिया कि पुरानी राजनीतिक व्यवस्था अब ढहने की कगार पर है।

EPS ने तुरंत DMK नेता उदयनिधि स्टालिन से संपर्क साधा। कहा जाता है कि EPS ने MK स्टालिन के अपनी सीट हारने पर दुख जताया था। कई पीढ़ियों से DMK और AIADMK के कार्यकर्ता एक-दूसरे को कट्टर दुश्मन मानते आए थे। पूरा राजनीतिक करियर ही एक-दूसरे पर हमला करने में बीत गया था। लेकिन अब दबी जबान में यह चर्चा शुरू हो गई है कि दोनों खेमों के कुछ लोग एक ऐसी बात पर विचार कर रहे हैं जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। दोनों आने वाले समय में विजय को रोकने के लिए हाथ मिला सकते हैं।

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DMK के अंदर भी असमंजस की स्थिति है। कुछ नेताओं का मानना ​​है कि AIADMK को बाहर से समर्थन देना विजय को एक नई राजनीतिक ताकत के तौर पर उभरने देने से कहीं ज्यादा रणनीतिक रूप से समझदारी भरा कदम होगा। वहीं, कुछ अन्य नेताओं ने इस विचार का जोरदार विरोध किया। उनका तर्क है कि पार्टी की पूरी पहचान ही AIADMK को हराने पर बनी है, न कि उसे बचाने पर। इस अनिश्चितता के माहौल में सुपरस्टार रजनीकांत और MK स्टालिन के बीच एक अहम मुलाकात भी हुई है।

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