Tamil Nadu Election Results: कांग्रेस ने बुधवार (6 मई) को आखिरकार थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को तमिलनाडु में नई सरकार गठन के लिए समर्थन देने की घोषणा कर दी। टीवीके के नेता विजय ने कांग्रेस नेतृत्व से समर्थन का आग्रह किया था। इसके बाद पार्टी आलाकमान ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी को राज्य की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का निर्देश दिया था। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विजय को समर्थन करने के फैसले पर मुहर लगाई गई। हालांकि, काग्रेस ने इस समर्थन के बदले एक शर्त भी रख दी है।
कांग्रेस ने कहा है कि गठबंधन को उन "सांप्रदायिक ताकतों" से दूर रखा जाए जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं रखतीं। हालांकि, कांग्रेस ने अपने बयान में किसी भी विरोधी पार्टी का नाम नहीं लिया। लेकिन TVK के लिए यह 'रेड लाइन' व्यापक रूप से BJP की ओर एक स्पष्ट संकेत मानी गई। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके को 108 सीटें हासिल हुई हैं। उसे सरकार बनाने के लिए 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस के पांच विधायक निर्वाचित हुए हैं। कांग्रेस अब तक DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थी।
कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडानकर ने एक बयान में कहा, "टीवीके के अध्यक्ष विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से औपचारिक रूप से समर्थन का अनुरोध किया है। तमिलनाडु की जनता, विशेषकर युवाओं ने संवैधानिक सिद्धांतों में विश्वास रखने वाली धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और कल्याणकारी सरकार के लिए स्पष्ट, सशक्त और भारी बहुमत से अपना मत व्यक्त किया है। उन्होंने विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु टीवीके को अगली सरकार बनाने के लिए चुना है।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भारत में धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और कल्याणकारी राजनीति का समर्थन करती है। इसकी संस्थापक राजनीतिक पार्टी है। चोडानकर ने कहा, "तमिलनाडु की जनता के इस जनादेश का सम्मान करना, इसे कायम रखना और इसे मंजिल तक पहुंचाने में सहायता करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है। ऐसे में तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) ने टीवीके को सरकार बनाने के लिए अपना पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया है।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का समर्थन इस शर्त पर आधारित होगा कि टीवीके इस गठबंधन से उन सभी सांप्रदायिक ताकतों को दूर रखे जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि टीवीके और तमिलनाडु कांग्रेस के बीच यह गठबंधन आने वाले वर्षों और दशकों में पेरियार के सामाजिक न्याय के आदर्शों और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के संवैधानिक आदर्शों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ पेरुंथलाइवर कामराज के तमिलनाडु के गौरवशाली दिनों को वापस लाने का प्रयास करेगा।
कांग्रेस नेता ने कहा, "दोनों पार्टियों के बीच आपसी सम्मान, उचित हिस्सेदारी और साझा जिम्मेदारी पर आधारित यह गठबंधन न केवल इस सरकार के गठन के लिए है, बल्कि स्थानीय निकाय संगठनों, लोकसभा और राज्यसभा के भावी चुनावों के लिए भी है।"
तमिलनाडु में विजय की पार्टी को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस की ओर से समर्थन दिए जाने के बाद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने बुधवार को अपने पुराने सहयोगी दल पर तीखा हमला बोला। DMK ने इस कदम को 'पीठ में छुरा घोंपने' के बराबर बताया। डीएमके प्रवक्ता सर्वानन अन्नादुरई ने पीटीआई से कहा, "कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देते हुए गठबंधन का फैसला कर लिया है। मेरे विचार में उन्होंने पीठ में छुरा घोंपा है- तमिलनाडु की जनता की पीठ में और जनता के जनादेश की पीठ में।" उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला चुनावी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही ले लिया गया था।
DMK नेता ने कहा, "जीत के प्रमाणपत्र पर निर्वाचन अधिकारी की स्याही भी नहीं सूखी थी कि उन्होंने गठबंधन का रास्ता चुन लिया।" DMK के वफादार समर्थन की याद दिलाते हुए अन्नादुरई ने कहा, "हमने हर मोड़ पर कांग्रेस का साथ दिया है। यहां तक कि हमारे नेता एम के स्टालिन ने ही राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ाया था।" उन्होंने गठबंधन के गणित पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, "सरकार बनाने के लिए टीवीके को कम से कम 11 से 12 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस के पास सिर्फ पांच विधायक हैं। इससे क्या फर्क पड़ेगा?" अन्नादुरई ने कहा कि कांग्रेस टीवीके मंत्रिमंडल में महज दो सीट के लिए खुद को बर्बाद कर रही है। अन्नादुरई ने यह भी बताया कि अन्नाद्रमुक ने भी टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है।