India-EU Deal: Volkswagen, Mercedes-Benz और BMW की कारें होंगी सस्ती! 110% से घटकर 40% पर आएगा टैरिफ!

India-EU Deal: भारत और ईयू के बीच लंबे समय से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बातचीत अटकी हुई है जिसके अब पूरी होने की उम्मीद है। उम्मीद की जा रही है कि इस ऐलान के साथ यूरोप से वोक्सवैगन (Volkswagen), मर्सिडीज-बेंज (Mercedes-Benz), और बीएमडब्ल्यू (BMW) की कारें भारत में सस्ती हो सकती है। जानिए इन पर टैरिफ में कितनी कटौती की गुंजाइश है?

अपडेटेड Jan 26, 2026 पर 12:18 PM
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India-EU Deal: यूरोपीय यूनियन के लिए भारत के साथ कारोबारी सौदा कितना अहम होगा, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है, लेकिन अभी भी बाहरी देशों की कारों के लिए यहां एंट्री काफी सख्त है।

India-EU Deal: यूरोपीय यूनियन (EU) से आने वाली कारों के आयात पर भारत टैरिफ में भारी कटौती की योजना बना रहा है। यह भारत और ईयू के बीच लंबे समय से इंतजार किए जा रहे FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) का हिस्सा है। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार तक इसका ऐलान किया जा सकता है। प्रस्तावित सौदे के तहत भारत की योजना ईयू में बनी कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी को घटाकर 40% तक लाने की है जोकि अभी 110% के रिकॉर्ड हाई लेवल पर है। अगर ऐसा होता है तो यह देश के हैवी प्रोटेक्टेड ऑटोमोबाइल मार्केट को खोलने के लिए अहम कदम होगा।।

India-EU Trade Deal: पहले खास कारों पर ही घटेगा टैरिफ

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच कारोबारी सौदे के तहत टैरिफ में जो कटौती होगी, पहले वह 15 हजार यूरो यानी करीब ₹16.3 लाख से अधिक भाव वाले ईयू में पूरी तरह बनी कारों के सीमित संख्या में आयात पर लागू होगा। योजना के मुताबिक इन पर टैरिफ को 110% से घटाकर 40% तक लाने की है जिसके बाद इसे घटाकर 10% तक लाया जाएगा। इस सौदे से वोक्सवैगन (Volkswagen), मर्सिडीज-बेंज (Mercedes-Benz), और बीएमडब्ल्यू (BMW) जैसी यूरोपीय ऑटोमेकर्स के लिए भारतीय बाजार में एंट्री और आसान होगी।


सूत्रों के हवाले से रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने अभी सालाना लगभग 2 लाख इंटर्नल कंबस्चन इंजन वेईकल्स पर ड्यूटी कम करने पर हामी भरी है लेकिन फाइनल कोटा में अभी बदलाव हो सकता है। वहीं दूसरी तरफ घरेलू कंपनियों के निवेश को बचाने के लिए सरकार की योजना बैटरी इलेक्ट्रिक वेईकल्स को पहले पांच साल तक शुल्क कटौती से बाहर रखने का है और बाद में ऐसी ही कटौती इलेक्ट्रिक वेईकल्स पर भी लागू होने की उम्मीद है।

भारत कितना अहम है यूरोपीय यूनियन के लिए?

यूरोपीय यूनियन के लिए भारत के साथ कारोबारी सौदा कितना अहम होगा, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है, लेकिन अभी भी बाहरी देशों की कारों के लिए यहां एंट्री काफी सख्त है। विदेश में बनी कारों की भारत में एंट्री पर अभी 70-110% का टैरिफ लगता है जिसकी वैश्विक ऑटो एग्जीक्यूटिव्स कई बार आलोचना कर चुके हैं। अब आयात शुल्क में कमी से यूरोप की कार बनाने वाली कंपनियों को अपनी कारों की कीमतें अधिक प्रतिस्पर्धी रखने में मदद मिलेगी और वे भारत में आगे स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग इंवेस्टमेंट करने से पहले नए गाड़ियों की टेस्टिंग कर सकेंगे।

कब हो सकता है ऐलान?

यूरोपीय यूनियन से कारों के आयात पर टैरिफ में कटौती पर फैसला ऐसे समय में होना है, जब यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) चार दिनों के लिए भारत की यात्रा पर है। वह यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा (António Costa) के साथ गणतंत्र दिवस के उत्सव पर यहां आए हैं। दोनों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत होने वाली है, जिसमें फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी मुक्त व्यापार समझौते के साथ-साथ एक रणनीतिक डिफेंस पार्टनरशिप और यूरोप में भारतीय प्रोफेशनल्स की आवाजाही को आसान बनाने के लिए अहम ऐलान की उम्मीद है।

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