नासिक कोर्ट ने शनिवार को TCS की नासिक यूनिट से जुड़े सेक्सुअल हैरेसमेंट और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में आरोपी निदा खान की एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज कर दी। निदा खान मुख्य आरोपियों में से एक है, इसलिए उससे हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के.जी. जोशी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निदा खान की याचिका को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका
वहीं इस मामले में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसार ने बताया कि आरोपी निदा खान की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए निदा खान की भूमिका को अहम बताया है। विस्तृत आदेश अभी अपलोड नहीं हुआ है, इसलिए जमानत खारिज करने की पूरी वजह सामने आना बाकी है।
मिली जानकारी के अनुसार, अदालत ने माना कि निदा खान इस कथित अपराध की मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल थीं। उन पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचने और उनकी मदद करने का आरोप है। यह भी कहा गया है कि उन्होंने कुछ तरीके सिखाए, गवाहों को धमकाया और मामले में सक्रिय भूमिका निभाई। अजय मिसार ने कहा कि आगे की जांच में इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।
बता दें कि टीसीएस नासिक में काम करने वाली 26 साल की निदा खान यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के मामले में आरोपी हैं। इस केस में कुल आठ लोग आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें से एक निदा भी हैं। इस मामले में बाकी सात आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। बता दें कि, नासिक पुलिस टीसीएस ब्रांच से जुड़े मानसिक और यौन उत्पीड़न के मामलों की जांच कर रही है। अब तक कुल 9 शिकायतें सामने आई हैं, जो 8 महिला कर्मचारियों ने दर्ज कराई हैं। ये मामले फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच के बताए जा रहे हैं। जांच को तेज़ करने के लिए पिछले हफ्ते एक विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया है।
निदा खान पहले नासिक की टीसीएस यूनिट में काम कर रही थीं। करीब दो महीने पहले उनका ट्रांसफर मुंबई के मलाड और हीरानंदानी इलाके के ऑफिस में कर दिया गया था। इसी समय उनके पति मोइन नवीद इकबाल खान ने मुंब्रा में अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) में लॉजिस्टिक्स अधिकारी के तौर पर नई नौकरी शुरू की थी। मामले में नाम सामने आने के बाद, निदा खान को नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया।