Tej Pratap Yadav: तेज प्रताप यादव 14 दिन के लिए भेजे गए पटना के बेऊर जेल, NEET प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप

Tej Pratap Yadav: पटना के गांधी मैदान में विरोध प्रदर्शन मामले में जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। प्रदर्शनकारियों को भड़काने के आरोप में उन्हें पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया है

अपडेटेड Jul 26, 2026 पर 9:41 AM
Tej Pratap Yadav: लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अब 14 दिन तक पटना की जेल में रहेंगे

Tej Pratap Yadav: जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को 'बिहार बंद' के दौरान हुई तोड़-फोड़ और आगजनी के मामले में गिरफ्तारी के बाद पटना की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया है। शनिवार देर रात बिहार पुलिस ने तेज प्रताप यादव को एक मॉल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने तेज प्रताप यादव को नीट पेपर लीक के खिलाफ शनिवार को 'बिहार बंद' के दौरान पटना में प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल होने पर गिरफ्तार किया। यादव पटना के रामगुलाम चौक पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुए, जिसके कुछ देर बाद ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर वाहन में बैठा लिया। पुलिस द्वारा ले जाए जाने से पहले वाहन का दरवाजा पकड़े यादव ने कहा, "हम छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। जरूरत पड़ी तो मैं छात्रों के अधिकारों के लिए अपनी जान देने को भी तैयार हूं।"

यादव ने प्रदर्शन में शामिल होकर बंद को अपना समर्थन दिया था। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने प्रदर्शन में शामिल होने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग दोहराई।


अधिकारियों ने बताया कि नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में राज्यव्यापी बंद के समर्थन में वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्यों ने शनिवार को बिहार के कई जिलों में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई।

पुलिस ने बताया कि बंद का राज्यभर में मिलाजुला असर रहा। पटना में पथराव की घटनाएं हुईं। जबकि नालंदा, नवादा, जहानाबाद और रोहतास में बंद का बहुत कम असर देखने को मिला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प और पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। जब तेज प्रताप छात्रों के साथ रामगुलाम चौक से डाक बंगला चौराहे की ओर मार्च करने लगे, तो एग्जिबिशन रोड के पास पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

वकील ने क्या बताया?

तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने कहा, "FIR 26 तारीख को दर्ज की गई थी। जबकि गिरफ्तारी 25 तारीख को शाम 7:30 बजे सिटी सेंटर मॉल से हुई थी। मैंने अभी उनकी रिहाई के लिए जज के पास एक अर्जी दी है। उन्होंने मुझसे सोमवार को जमानत की मांग पर कार्रवाई करने को कहा।"

रविवार सुबह ANI से बातचीत में वकील ने आगे कहा, "मैं सुबह 10:30 बजे नौबतपुर पुलिस स्टेशन पहुंचा। वहां 2 SP थे... मैंने उनसे उनकी गिरफ्तारी का कारण पूछा। उनके परिवार वालों को यह भी नहीं पता कि वे शाम 7:30 बजे से हिरासत में थे... हमें अभी तक FIR की कॉपी भी नहीं मिली है।"

वहीं, तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर JJD की बांकीपुर उपचुनाव उम्मीदवार वीणा मानवी ने कहा, "मैं कुछ नहीं कहना चाहती। 13 तारीख से हमें परेशान किया जा रहा है। पहले उन्होंने (पुलिस) मुझे नामांकन के दिन उठाया। फिर आज उन्हें उठा लिया। ऐसा लगता है कि पूरा बांकीपुर जिला अब जनशक्ति जनता दल पर निर्भर है।"

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उन्होंने आगे कहा, "अगर हम थोड़ा विरोध करते हैं तो क्या गलत है? उन्होंने क्या अपराध किया? अगर बच्चों के बीच एक बार राष्ट्रीय ध्वज दिखाया गया, तो क्या वह अपराध था? और अगर आपकी नज़र में यह अपराध था भी, तो उन्हें उसी समय वहां से ले जाना चाहिए था। लेकिन उन्हें तब उठाने का क्या मतलब है जब वे शाम को परिवार के साथ समय बिता रहे थे, खरीदारी करने जा रहे थे? मुझे भी इसके पीछे का कारण नहीं पता...।"

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