‘चलने का अंदाज ठीक नहीं था...’, Air India पायलट पर यात्री ने लगाया नशे में होने का शक

4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट अचानक करीब 300 फीट नीचे आ जाने से यात्रियों की सांसें थम गईं। हालांकि, विमान कुछ देर बाद सामान्य हो गया, लेकिन घटना के बाद पायलट का व्यवहार यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

अपडेटेड Aug 10, 2026 पर 8:43 AM
300 फीट नीचे आई Air India की फ्लाइट, टर्बुलेंस के बाद पायलट के बर्ताव पर उठे सवाल

4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट अचानक करीब 300 फीट नीचे आ जाने से यात्रियों की सांसें थम गईं। हालांकि, विमान कुछ देर बाद सामान्य हो गया, लेकिन घटना के बाद पायलट का व्यवहार यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बन गया। फ्लाइट में सवार यात्री श्रीकांत झा ने बताया कि पायलट के हाव-भाव और बात करने के तरीके से उन्हें कुछ ठीक नहीं लगा।

श्रीकांत झा ने कहा, “पायलट के हाव-भाव और उसके दिखने के तरीके को देखकर हमें सच में शक हुआ कि कुछ ठीक नहीं है।”

यात्री के अनुसार, 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली की उड़ान के दौरान जब विमान को जबरदस्त टर्बुलेंस (हवा के तेज झटकों) का सामना करना पड़ा, तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने दावा किया कि घटना के बाद जब पायलट ने बात की, तो वे सामान्य नहीं लग रहे थे।


झा ने कहा, "उनके चलने का अंदाज ठीक नहीं लग रहा था, और टर्बुलेंस के बाद जिस तरह से उन्होंने बात की, उससे ऐसा लगा जैसे उन्होंने नशा कर रखा हो।"

उनकी यह टिप्पणी नागरिक उड्डयन मंत्रालय के उस बयान के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि साइकोएक्टिव पदार्थ की शुरुआती स्क्रीनिंग में नतीजे के लिए और जांच की जरूरत महसूस होने पर पायलट-इन-कमांड का कन्फर्मेटरी टेस्ट (पुष्टि करने वाला परीक्षण) किया गया। जिसके बाद फाइनल रिपोर्ट का इंतजार था।

एयर इंडिया के पायलट के बर्ताव के बारे में यात्री ने क्या कहा

यात्री ने आरोप लगाया कि फ्लाइट के बाद हुई जांच के नतीजे आने से पहले ही, फ्लाइट में मौजूद दूसरे लोगों को भी पायलट को लेकर चिंता थी।

उन्होंने सवाल उठाया कि कोई पायलट नशे की हालत में विमान कैसे उड़ा सकता है और कहा कि यह मामला एविएशन सिस्टम की एक बड़ी विफलता की ओर इशारा करता है।

उन्होंने कहा, "यह बहुत गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। यह सिस्टम की विफलता है। एक पायलट नशे में विमान उड़ाने की हिम्मत इसलिए कर पाया क्योंकि उसे पता था कि वह शायद बिना किसी की नजर में आए एयरपोर्ट से निकल सकता है।"

झा ने आगे कहा कि पायलट को शायद लगा होगा कि वह पकड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, "उसे पता था कि वह यहां ऐसा करके बच सकता है।"

यात्री के अनुसार, बाद में उसने और अन्य लोगों ने टर्मिनल 3 के प्रमुख रविशंकर गौर के पास शिकायत दर्ज कराई और अधिकारियों से डोप और ब्लड टेस्ट कराने की मांग की।

हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि पायलट का कन्फर्मेटरी टेस्ट चल रहा है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।

मंत्रालय ने अनुसार, आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों और कन्फर्मेटरी टेस्ट के परिणामों पर निर्भर करेगी।

एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में क्या हुआ?

4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 (एयरबस A320) के साथ क्रूज के दौरान एक घटना हुई, जिसमें विमान की ऊंचाई अचानक लगभग 300 फीट कम हो गई। इसके बाद विमान स्थिर हुआ और सुरक्षित रूप से दिल्ली में लैंड कर गया।

इस विमान में 137 यात्री (जिनमें तीन शिशु शामिल थे) और 8 क्रू सदस्य (दो पायलट और छह केबिन क्रू) सवार थे। इस घटना के दौरान कुछ यात्रियों और केबिन क्रू के सदस्यों को चोटें लगने की भी खबर आईं।

एयर इंडिया ने इस घटना को "उड़ान के दौरान टर्बुलेंस (हवा के झटकों) से जुड़ी एक छोटी सी घटना" बताया, जिसके कारण विमान की ऊंचाई में अचानक थोड़ा बदलाव आया।

एयरलाइन ने कहा कि विमान दिल्ली में सुरक्षित उतर गया और सभी यात्री व क्रू सदस्य बिना किसी परेशानी के विमान से बाहर आ गए।

हालांकि, एयरपोर्ट की तस्वीरों में टर्मिनल के बाहर एम्बुलेंस दिखाई दीं और कुछ यात्रियों को व्हीलचेयर पर ले जाते हुए देखा गया।

कुछ यात्रियों के सिर पर पट्टियां भी बंधी हुई थीं, जिन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था।

एक यात्री ने पहले बताया था कि टर्बुलेंस अचानक और बहुत तेज था। उसने कहा कि जब कई यात्री सो रहे थे, तब विमान अचानक एक तरफ झुक गया।

उसने कहा कि लगभग 15 से 20 यात्री घायल हुए थे, हालांकि एयर इंडिया का कहना है कि मामूली रूप से घायल कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों को एहतियात के तौर पर मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया।

डोप टेस्ट के बारे में मंत्रालय ने क्या कहा

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने बताया कि घटना के बाद, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत जरूरी नियमों का पालन करते हुए, फ्लाइट क्रू के दोनों सदस्यों का अनिवार्य साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग (नशीले पदार्थों की जांच) किया गया।

शुरुआती स्क्रीनिंग में और जांच की जरूरत महसूस होने के बाद, पायलट-इन-कमांड का सैंपल कन्फर्मेशन के लिए एक तय लैब में भेजा गया। जिसके बाद फाइनल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था।

इस घटना को गंभीर घटना माना गया और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इसकी जांच कर रहा है।

बता दें कि जांच और टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी होने तक, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने फ्लाइट क्रू के दोनों सदस्यों को रोस्टर से हटा दिया है।

मंत्रालय ने कहा कि आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों और पुष्टि करने वाले टेस्ट के परिणामों के आधार पर की जाएगी।

एयर इंडिया ने कहा- टेस्ट की रिपोर्ट एयरलाइन के साथ शेयर नहीं की गई

एयर इंडिया ने कहा कि उसे पता है कि तय नियमों के अनुसार पायलटों का फ्लाइट के बाद स्क्रीनिंग टेस्ट किया गया था।

एयरलाइन ने कहा, "हालांकि, टेस्ट के नतीजे एयर इंडिया के साथ शेयर नहीं किए गए हैं, इसलिए हम किसी भी नतीजे पर कोई टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं।"

एयर इंडिया ने यह भी कहा कि वह किसी खास फ्लाइट या ऑपरेशनल घटना से अलग, सिविल एविएशन नियमों के तहत क्रू सदस्यों का रेगुलर ड्रग टेस्ट करती है।

एयरलाइन ने आगे कहा कि "हम जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करना जारी रखेंगे।"

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