झारखंड में परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी बीच रविवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। झारखंड लोक भवन के मुताबिक, राज्य सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने जेपीएससी के सदस्यों अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं।
राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर JPSC और JSSC के कई उम्मीदवार लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच आयोग के तीन सदस्यों का इस्तीफा सामने आया है।
बैठक के बाद भी छात्रों का आंदोलन जारी
रांची के स्टेट गेस्ट हाउस ऑडिटोरियम में सरकारी प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों के बीच बैठक हुई। हालांकि, बैठक के बाद भी छात्रों का आंदोलन 16वें दिन जारी रहा। आंदोलन में शामिल छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार का कहना है कि उसने छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली हैं। साथ ही, सरकार ने मामले की जांच के लिए सीआईडी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की बात कही है। इसके अलावा न्यायिक निगरानी में जांच कराने का प्रस्ताव भी दिया गया है।
हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर कायम हैं। उनका कहना है कि वे भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे। इसी मांग को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है।
छात्र सीबीआई जांच की मांग पर अड़े
बैठक के बाद छात्र नेता कुणाल ने कहा कि छात्रों का प्रस्तावित विधानसभा घेराव तय कार्यक्रम के अनुसार होगा, लेकिन इसे शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। कुणाल ने कहा, "मैं साफ कर देना चाहता हूं कि हमारा विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। हमारी मांग सीबीआई जांच की है और हम इस मांग पर कोई समझौता नहीं करेंगे।"
वहीं, एक अन्य छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधियों के साथ यह बातचीत का दूसरा दौर था। बैठक में 14वीं जेपीएससी परीक्षा के साथ-साथ 2023 और 2025 की जेपीएससी बैकलॉग परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।