पटना की सबसे व्यस्त रेल लाइनों में से एक पर ट्रेनों का दबाव कम होने जा रहा है। दानापुर मंडल की नेउरा-दनियावां नई रेललाइन परियोजना के तहत करीब 20 किलोमीटर लंबे नेउरा-जट डुमरी रेलखंड के निरीक्षण का काम पूरा हो गया। रेलवे संरक्षा आयुक्त ने यह निरीक्षण किया। जट डुमरी से नेउरा तक विशेष ट्रेन का 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। इस रेलखंड पर मालगाड़ियों का परिचालन शुरू हो गया है।
पटना-दानापुर-किऊल रेलमार्ग पर दबाव घटेगा
इस नए रेलखंड के चालू होने से पटना-दानापुर-किऊल रेलमार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम हो जाएगा। खासकर मालगाड़ियों के लिए यह वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध होगा, जिससे मुख्य रेलमार्ग पर यात्री ट्रेनों के संचालन को आसान बनाने में मदद मिलेगी। नेउरा जंक्शन और जट डुमरी जंक्शन के बीच गोनपुरा स्टेशन बनाया गया है। अधपा, चामुचक और बाजिदपुर में हाल्ट बनाया गया है। नेउरा स्टेशन पहले से पटना-आरा रेलखंड पर और जट डुमरी स्टेशन पटना-गया रेलखंड पर मौजूद हैं।
रेल लाइन के निरीक्षण का काम हुआ पूरा
करीब 20 किलोमीटर के इस रेलखंड पर रेल यातायात को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए 3 बड़े पुल, 16 छोटे पुल, 5 सीमित ऊंचाई वाले पुल, 2 रोड ओवरब्रिज, एक रेल ओवर रेल और 12 रोड अंडरब्रिज बनाए गए हैं। 8 अक्टूबर को रेलवे संरक्षा आयुक्त ने नए रेलखंड का निरीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक, अब दूसरी ओर से आने वाली मालगाड़ियों को पटना की ओर लाने के बजाय नेउरा से जट डुमरी, दनियावां, बिहारशरीफ और बरबीघा होते हुए शेखपुरा की तरफ भेजा जा सकेगा। वहां से यह मार्ग किऊल-गया रेललाइन से जुड़ जाएगा।
आउटर पर ट्रेनों को नहीं करना पड़ेगा इंतजार
नई व्यवस्था शुरू होने के बाद मुख्य रेललाइन का इस्तेमाल उन्हीं मालगाड़ियों के लिए होगा, जिन्हें दानापुर या फतुहा यार्ड में माल उतारना है। डीडीयू और हावड़ा की ओर जाने वाली लंबी दूरी की मालगाड़ियों को नेउरा-जटडुमरी-दनियावां वैकल्पिक रेलमार्ग से गुजारा जाएगा। इससे पटना के व्यस्त रेलखंड पर मालगाड़ियों का दबाव कम होगा और यात्री ट्रेनों के परिचालन के लिए अधिक जगह उपलब्ध होगी। आउटर पर ट्रेनों के इंतजार और शंटिंग के कारण होने वाली देरी में भी कमी आने की उम्मीद है।
50 लाख से ज्यादा लोगों को होगा फायदा
इस रेललाइन से पटना, नालंदा और शेखपुरा जिलों के बड़ी आबादी को फायदा मिलेगा। नई रेललाइन से इन इलाकों की सीधी रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, वहीं व्यापार, कृषि उत्पादों की आवाजाही और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रेलवे के अनुसार, यह लाइन दानापुर-पटना-किऊल-झाझा की अत्यधिक व्यस्त मुख्य रेललाइन के लिए बाईपास के रूप में भी काम करेगी। इस परियोजना के तहत जट डुमरी से दनियावां तक 22.74 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर पहले ही ट्रेनों का परिचालन शुरू हो चुका है। अब नेउरा-जट डुमरी खंड के जुड़ने से इस वैकल्पिक रेलमार्ग की उपयोगिता और बढ़ जाएगी।
(पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट)