Anjel Chakma Death: देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की नस्लीय टिप्पणी के बाद हुई हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। देहरादून पुलिस ने बताया है कि इस नृशंस हत्याकांड का मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी (22) नेपाल भाग गया है। पुलिस ने उसे वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। 24 वर्षीय एंजेल चकमा, जो देहरादून में MBA अंतिम वर्ष का छात्र था, की 26 दिसंबर को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
'नस्लीय टिप्पणी' बनी विवाद की जड़
यह दुखद घटना 9 दिसंबर 2025 को शुरू हुई थी, जब एंजेल और उसका छोटा भाई माइकल स्थानीय बाजार जा रहे थे। आरोपियों ने माइकल को 'चाइनीज मोमो' कहकर चिढ़ाया और नस्लीय गालियां दीं। जब एंजेल ने इसका विरोध करते हुए कहा कि 'वे भी भारतीय हैं,' तो आरोपियों ने उन पर चाकू और कड़े से हमला कर दिया। हमलावरों ने भाइयों को पुलिस के पास जाने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। गंभीर रूप से घायल अंजल ने अस्पताल में 17 दिनों तक संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया।
देहरादून पुलिस ने इस मामले में कुल 6 आरोपियों को चिन्हित किया है, जिनमें से 5 हिरासत में है। सूरज खवास (22), अविनाश नेगी (25) और सुमित (25) ये तीनों न्यायिक हिरासत में है। दो आरोपियों के नाबालिग होने के कारण उन्हें सुधार गृह भेजा गया है।इस मामले में मुख्य आरोपी नेपाली मूल का यज्ञराज अवस्थी अभी भी फरार है। उस पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया है और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी हो चुका है। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) ने केंद्र सरकार को प्रत्यर्पण के लिए रिपोर्ट भेज दी है।
जल्द मिले न्याय, पीड़ित परिवार की गुहार
एंजेल के पिता तरुण प्रसाद चकमा, जो मणिपुर में तैनात एक BSF जवान हैं। वो अपने बेटे के लिए जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहे है। उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा। मेरा बेटा अपने भाई को बचाते हुए शहीद हो गया।' उन्होंने मीडिया का आभार व्यक्त किया कि उनके दबाव के कारण एजेंसियां सक्रिय है।