Tukaram Munde: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्य भर में मिलावटी खाने की सामग्रियों, अनसेफ फूड और बैन गुटखा व पान मसाले के खिलाफ एक बड़ा और आक्रामक अभियान चला रखा है। एफडीए आयुक्त और कड़क मिजाज के लिए मशहूर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में सेफ फूड सेफ महाराष्ट्र अभियान के तहत पिछले 24 घंटे के दौरान हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे राज्य के होटल संचालकों, डेयरी कारोबारियों और मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
इस राज्यव्यापी छापेमारी के दौरान एफडीए की टीमों ने कुल 25.30 लाख रुपये मूल्य के फूड प्रोडक्ट जब्त किए हैं। इसमें 11.40 लाख रुपये के बैन प्रोडक्ट हैं और करीब 14,552 किलोग्राम दूसरी खाद्य सामग्रियां शामिल हैं।
मालाड के होटल राधा का लाइसेंस निलंबित, किचन में दिखे चूहे और कॉकरोच
जांच टीम जब मुंबई के मालाड स्थित होटल राधा के किचन में पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। किचन में खुले नाले से चूहे सीधे अंदर घुस रहे थे। इतना ही नहीं आटा गूंदने की मशीन पर कॉकरोच रेंगते हुए पाए गए। रसोई में चारों तरफ गंदा और ठहरा हुआ पानी, ग्रीस जमा हुआ था और बेहद अनहेल्दी स्थितियां मौजूद थीं। इन गंभीर कमियों को देख एफडीए अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए होटल राधा का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया।
कुर्ला के 'जनता तवा एंड ग्रिल' और इंजीनियरिंग कॉलेज के मेस पर गाज
एफडीए की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। कुर्ला स्थित प्रसिद्ध 'जनता तवा एंड ग्रिल' में खाद्य सुरक्षा से जुड़े गंभीर उल्लंघन पाए गए। यहां कच्चे मांस का स्टोरेज ठीक नहीं था। टेंप्रेचर रिकॉर्ड नहीं मिला और पके और कच्चे भोजन को ठीक तरीके से रखा नहीं गया था। बतर्न और मशीनें बेहद गंदी मिलीं तो एफडीए ने इसका FSSAI लाइसेंस सस्पेंड कर दिया।
इसके अलावा नवी मुंबई के खारघर स्थित सरस्वती कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के फूड बिजनेस पर भी गाज गिरी है। जांच में कॉलेज के फूड वेंचर में पेस्ट-कंट्रोल के अपर्याप्त इंतजाम, वेंटिलेशन की कमी, जरूरी प्रयोगशाला जांच का न होना और स्वच्छता संबंधी गंभीर कमियां पाई गईं। इसके बाद इसके संचालन को सस्पेंड कर दिया गया।
कुल 31 होटलों की जांच, वैजापुर से उदगीर तक बैकफुट पर कारोबारी
इस विशेष अभियान के दौरान एफडीए ने कुल 31 होटलों, रेस्तरां और ढाबों का निरीक्षण किया। इनमें से 22 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए जबकि 5 खाद्य व्यवसाय लाइसेंसों को सीधे निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा राज्य के कई इलाकों में ऐक्शन हुआ। वैजापुर के परमेष्ठी सुपर शॉपी के खिलाफ बिक्री के लिए एक्सपायरी डेट के खाद्य उत्पाद रखने और दुकान में गंदगी पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
उदगीर में FDA की टीम ने लैब में जांच के लिए देसी घी के 6 सैंपल लिए, जिनकी कुल मात्रा प्रेस नोट के अनुसार 2,400 यूनिट दर्ज की गई। पुणे और सांगली की कंपनियों से संदिग्ध गुणवत्ता वाले और मिसब्रांडेड खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। इनमें खिचड़ी मसाला, डिफैटेड टोस्टेड सोया ग्रिट्स और गुड़ पाउडर शामिल हैं। इन सभी के सैंपल लेकर लैब टेस्ट के लिए भेज दिए गए हैं।
प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाले पर क्रैकडाउन: 8 एफआईआर और 10 गिरफ्तारियां
सुरक्षित खाद्य, सुरक्षित महाराष्ट्र अभियान के तहत गुटखा और पान मसाला जैसे प्रतिबंधित पदार्थों की अवैध बिक्री पर भी भारी शिकंजा कसा गया है। एफडीए ने इस क्रैकडाउन में 11.40 लाख रुपये के प्रतिबंधित उत्पाद जब्त किए हैं। इस दौरान पुलिस और एफडीए की संयुक्त कार्रवाई के तहत कुल 8 एफआईआर (FIR) दर्ज की गईं। इसमें 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 6 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया गया और माल ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले 2 वाहनों को जब्त कर लिया गया।