'Boycott Turkey' अभियान ने पकड़ा जोर, अब एफएमसीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स ने लिया बड़ा फैसला

अभी तुर्किए के उत्पादों का बाजार करीब 2,000 करोड़ रुपये का है। इनमें ज्यादातर चॉकलेट्स, होमकेयर और कॉस्मेटिक्स हैं। लेकिन, वेफर्स, जैम, सीरप, चाय, कॉफी, लेयर्ड केक और पैकेज्ड सहित तुर्किए के सभी उत्पादों के बहिष्कार का फैसला किया गया है

अपडेटेड May 19, 2025 पर 4:27 PM
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16 मई को नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ ट्रेड लीडर्स का आयोजन किया गया। इसमें कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने (CAIT) ने तुर्किए में बने सामानों के बहिष्कार का फैसला लिया गया।

तुर्किए के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है। अब एफएमसीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स ने तुरंत तुर्किए में बने प्रोडक्ट्स को सप्लाई चेन से वापस लेने का फैसला किया है। इसमें चॉकलेट और कॉस्मेटिक्स सहित कई एफएमसीजी प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इसका मतलब है कि वेयरहाउस, रिटेल काउंटर्स और प्लेटफॉर्म से तुर्किए में गुड्स हटा लिए जाएंगे। यह फैसला ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रिब्यूटर्स फेडरेशन (एआईसीपीडीएफ) ने लिया है। इस फेडरेशन में देशभर में 4.5 लाख से ज्यादा एफएमसीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स और 1.3 करोड़ किराना स्टोर शामिल हैं।

तुर्किए ने भारत के खिलाफ इस्तेमाल के लिए दिए ड्रोन

AICPDF ने तुर्किए (Turkey) में बने एफएमसीजी गुड्स के खिलाफ अभियान शुरू किया है। यह अभियान अनिश्चित काल के लिए है। फेडरेशन ने इस बारे में एक बयान जारी किया है। तुर्किए के खिलाफ देशभर में गुस्से की वजह पाकिस्तान को उसकी मदद है। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले हुआ था। इसमें कुल 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई थी। भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत करने के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारत में सीमा के करीब स्थित रिहायसी इलाकों को निशाना बनाया। तुर्किए ने पाकिस्तान को न सिर्फ कूटनीतिक रूप से समर्थन किया बल्कि उसने उसे ड्रोन भी दिए।


भारत ने भूकंप आने पर तुर्किए की की थी मदद

तुर्किए के इस सलूक से भारत में आम लोगों में काफी आक्रोश दिखा। दरअसल, पिछले साल तुर्किए में जब बड़ा भूकंप आया था तो भारत ने तुरंत मदद पहुंचाई थी। लेकिन, तुर्किए ने इसकी परवाह नहीं करते हुए भारत के साथ टकराव में पाकिस्तान को हर तरह से मदद पहुंचाई। बताया जाता है कि तुर्किए ने पाकिस्तान को 300-400 ड्रोन की सप्लाई की। खास बात यह कि भारत पर हमले से ठीक पहले पाकिस्तान को इन ड्रोन की सप्लाई की गई।

तुर्किए के उत्पादों का 2000 करोड़ रुपये का बाजार

AICPDF के प्रेसिडेंट धैर्यशील पाटिल ने कहा, "अभी तुर्किए के उत्पादों का बाजार करीब 2,000 करोड़ रुपये का है। इनमें ज्यादातर चॉकलेट्स, होमकेयर और कॉस्मेटिक्स हैं।" लेकिन, वेफर्स, जैम, सीरप, चाय, कॉफी, लेयर्ड केक और पैकेज्ड सहित तुर्किए के सभी उत्पादों के बहिष्कार का फैसला किया गया है। 16 मई को नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ ट्रेड लीडर्स का आयोजन किया गया। इसमें कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने (CAIT) ने तुर्किए में बने सामानों के बहिष्कार का फैसला लिया गया।

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सरकार भी तुर्किए को सबक सिखाने को तैयार

सरकार ने भी कहा है कि वह तुर्किए के साथ होने वाले व्यापार की समीक्षा कर रही है। सरकार ने तुर्किए की कंपनी सेलेबी को सिक्योरिटी क्लियरेंस देने से इनकार कर दिया है। यह कंपनी इंडिया में 9 बड़े एयरपोर्ट्स पर ग्राउंड क्लियरेंस सर्विसेज देती है। कई यूनिवर्सिटीज और एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस ने तुर्किए से हुए समझौते रद्द कर दिए हैं। कई ट्रेवल वेबसाइट्स ने तुर्किए के हॉलीडे पैकेज बेचने बंद कर दिए हैं।

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