ट्विशा शर्मा की प्रेग्नेंसी 17 अप्रैल को कंफर्म होने के बाद उनके व्यवहार में बदलाव आ गया था, ऐसा उनके पति समर्थ सिंह ने पुलिस पूछताछ में कहा। यह बयान उन आरोपों से अलग है, जिनमें कहा गया था कि समर्थ के बच्चे के पिता को लेकर पूछे गए सवालों से ट्विशा परेशान थीं। पुलिस पूछताछ में समर्थ ने बताया कि शादी के पांच महीनों में दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। 12 मई को भोपाल स्थित घर में ट्विशा की मौत से कुछ घंटे पहले भी दोनों के बीच राजस्थान के अजमेर जाने को लेकर बहस हुई थी।
समर्थ के मुताबिक, प्रेग्नेंसी की पुष्टि के बाद अस्पताल से लौटते समय ट्विशा ने कहा था कि वह अपने मायके जाना चाहती हैं और घरेलू जिंदगी नहीं जी सकतीं। उसी शाम वह दिल्ली के लिए निकल गईं और नोएडा स्थित अपने घर पहुंचीं।
समर्थ का कहना है कि काफी मनाने के बाद 23 अप्रैल को ट्विशा अपनी मां और भाई के साथ वापस भोपाल लौटीं। लेकिन घर में तनाव खत्म नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल के लिए उन्होंने बेंगलुरु की टिकट बुक की थी और शुरुआत में ट्विशा साथ जाने को तैयार थीं, लेकिन बाद में उन्होंने मना कर दिया और कहा कि वह अपने भाई के पास अजमेर जाना चाहती हैं। इसी बात पर दोनों में बहस हुई।
वहीं, ट्विशा और उनकी मां के बीच हुए मैसेज में प्रेग्नेंसी को लेकर तनाव और ससुराल के खराब माहौल का जिक्र मिला है। ट्विशा ने कई बार अपने माता-पिता से उन्हें वहां से ले जाने की गुहार लगाई थी। एक मैसेज में उन्होंने लिखा था, "मेरा दम घुट रहा है मां।"
मौत वाली रात रात 10:05 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन कर अपनी परेशानी बताई थी। उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा के मुताबिक, बातचीत के दौरान पति के कमरे में आने पर ट्विशा ने अचानक फोन काट दिया। इसके बाद परिवार ने ट्विशा, समर्थ और उनकी सास को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। कुछ घंटों बाद सास गिरीबाला सिंह ने परिवार को ट्विशा की मौत की खबर दी।
समर्थ सिंह फिलहाल 7 दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। शनिवार को उनसे करीब दो घंटे पूछताछ हुई। वह जबलपुर में सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर भोपाल ले गई। ट्विशा की मौत के बाद से वह गायब थे। उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है।
समर्थ की मां गिरीबाला सिंह, जो रिटायर्ड जज हैं, को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। हालांकि, उन पर पुलिस नोटिस नजरअंदाज करने और जांच में सहयोग न करने के आरोप हैं।
शुक्रवार को कोर्ट में समर्थ का व्यवहार भी चर्चा में रहा। मौजूद लोगों के मुताबिक, वह कोर्ट में नर्वस या परेशान नहीं दिखे और पूरे समय शांत व आत्मविश्वासी नजर आए।
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि अगर किसी ने आरोपी को छिपाने या मदद करने की कोशिश की होगी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
इस बीच, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने समर्थ सिंह को तुरंत प्रभाव से वकालत करने से निलंबित कर दिया है। संस्था का कहना है कि उन पर लगे आरोप कानूनी पेशे की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
रविवार को दिल्ली एम्स के चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम भोपाल में ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम करेगी। यह फैसला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर लिया गया है।
नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। मौत के बाद उनके परिवार ने आरोप लगाया कि पति और ससुराल वालों ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और दहेज के लिए परेशान किया। इस मामले ने देशभर में नाराजगी और निष्पक्ष जांच की मांग को बढ़ा दिया है।