भोपाल की रहने वाली 33 साल की ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कमान संभाल ली है। भोपाल पुलिस से केस हाथ में लेने के बाद CBI ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भोपाल की रहने वाली 33 साल की ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कमान संभाल ली है। भोपाल पुलिस से केस हाथ में लेने के बाद CBI ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
NDTV को मिली जानकारी के मुताबिक, CBI ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज निषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां (पूर्व जिला जज) गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है।
विदाई के वक्त मांगे थे ₹2 लाख
CBI की FIR के अनुसार, ट्विशा की शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी। आरोप है कि शादी के तुरंत बाद से ही ससुराल वाले उसे दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। हद तो तब हो गई, जब शादी के बाद विदाई के समय ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने ₹2 लाख की मांग की, जिसे लड़की वालों ने मजबूरी में दे भी दिया था।
क्या है पूरा मामला?
ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं। ट्विशा के मायके वालों का कहना है कि उनकी बेटी को दहेज के लिए तंग किया गया और उसे आत्महत्या के लिए उकसाया गया।
पूर्व जज के परिवार ने इन आरोपों को गलत बताया है और दावा किया है कि ट्विशा को ड्रग्स की लत थी।
घटना के बाद से फरार चल रहे ट्विशा के वकील पति समर्थ सिंह को पिछले हफ्ते 10 दिनों की लुका-छिपी के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जनता के भारी गुस्से को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने यह केस CBI को सौंप दिया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
ट्विशा की पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि मौत फांसी लगाने से ही हुई है। हालांकि, उसके शरीर पर कुछ चोटों के निशान भी मिले हैं, जिससे अंदेशा है कि उसके साथ मारपीट की गई थी या किसी भारी चीज से हमला हुआ था।
पहली रिपोर्ट में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए ट्विशा के परिवार ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों की टीम ने ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने दी मीडिया को सलाह
इस मामले में हो रही कानूनी गड़बड़ियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने खुद इस पर संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस सूर्या कांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि दोनों ही परिवार इस मामले को लेकर 'बेवजह' मीडिया के पास जा रहे हैं। कोर्ट ने मीडिया से भी अपील की है कि वे इस मामले की रिपोर्टिंग करते समय संयम बरतें।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।