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मौत वाली रात क्या हुआ था? डमी लेकर गिरिबाला सिंह के घर पहुंची CBI, क्राइम सीन किया रीक्रिएट

Twisha Sharma Death Case: अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई की टीम फोरेंसिक और अपराध स्थल विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुंची। जांच के दौरान ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह को भी घर लाया गया। दोनों फिलहाल सीबीआई की हिरासत में हैं। एजेंसी ने उनकी मौजूदगी में घटनास्थल का पुनर्निर्माण कर मामले की सच्चाई जानने की कोशिश की

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 01, 2026 पर 7:06 PM
मौत वाली रात क्या हुआ था? डमी लेकर गिरिबाला सिंह के घर पहुंची CBI, क्राइम सीन किया रीक्रिएट
ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) अब मामले के नए पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) अब मामले के नए पहलुओं की पड़ताल कर रही है। वहीं इस मामले में जांच आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले का दोबारा परीक्षण किया। जांच एजेंसी ने एक डमी (पुतले) की मदद से पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़ी परिस्थितियों को फिर से समझने की कोशिश की। ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई की टीम फोरेंसिक और अपराध स्थल विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुंची। जांच के दौरान ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह को भी घर लाया गया। दोनों फिलहाल सीबीआई की हिरासत में हैं। एजेंसी ने उनकी मौजूदगी में घटनास्थल का पुनर्निर्माण कर मामले की सच्चाई जानने की कोशिश की।

CBI ने जुटाई ये जानकारी 

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जांच अधिकारियों ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से घटना वाली रात की पूरी जानकारी मांगी। उनसे यह भी कहा गया कि वे कथित आत्महत्या के बाद हुई घटनाओं के क्रम को विस्तार से समझाएं और दोबारा दिखाएं। जांच के दौरान सीबीआई ने घटनास्थल का पुनर्निर्माण करने के लिए एक ऐसे डमी (पुतले) का इस्तेमाल किया, जिसका वजन लगभग ट्विशा शर्मा के बराबर था। इस प्रक्रिया का उद्देश्य आरोपियों द्वारा दिए गए बयानों की जांच करना और यह समझना था कि उस रात क्या-क्या हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक, इस कवायद से जांच टीम को घटनाओं की मिनट-दर-मिनट समयरेखा तैयार करने और मामले से जुड़े तथ्यों का सत्यापन करने में मदद मिलेगी।

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