Twisha Sharma Death Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कथित दहेज हत्या मामले के संबंध में पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने के बाद उनकी मौत की जांच औपचारिक रूप से अपने हाथ में ले ली है। इसके अलावा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर अदालती कार्यवाही जारी है। इस बीच, ट्विशा शर्मा के पति वकील समर्थ सिंह ने एक बड़ा दावा किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सिंह ने दावा किया है कि उसकी पत्नी ट्विशा शर्मा अबॉर्शन के बाद परेशान थी। पति ने यह भी दावा किया कि उसने ट्विशा को 7 लाख रुपये दिए थे।
न्यूज एजेंसी ANI ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि पूर्व एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सोमवार 25 मई को भोपाल में दो घंटे से ज़्यादा समय तक क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया। इसी दौरान उनके पति समर्थ सिंह ने जांचकर्ताओं को बताया कि अबॉर्शन के बाद ट्विशा परेशान थी। पति ने यह बात दोहराई कि उसने उसे 7 लाख रुपये दिए थे।
यह घटनाक्रम 33 साल की ट्विशा की मौत की जांच तेज होने के बीच सामने आया है। ANI के अनुसार, SIT ने समर्थ सिंह से करीब तीन घंटे तक पूछताछ करने से पहले दो घंटे से ज्यादा समय तक क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान जब समर्थ से उस समय के बारे में पूछा गया जब वह कथित तौर पर फरार था, तो उसने बार-बार जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की।
पुलिस ने आगे बताया कि समर्थ ने SIT के सामने यह बात दोहराई कि अबॉर्शन करवाने के बाद ट्विशा मानसिक तनाव में थी। उसने यह भी दावा किया कि उसने ट्विशा को 7 लाख रुपये दिए थे। पुलिस के हवाले से ANI ने बताया कि जांच के तहत SIT ने समर्थ सिंह का लैपटॉप, मोबाइल फोन, पासपोर्ट, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज ज़ब्त कर लिए हैं।
CBI ने ट्विशा शर्मा मामले में दर्ज की FIR
इस बीच, CBI ने सोमवार को इस मामले में औपचारिक रूप से FIR दर्ज कर ली। मध्य प्रदेश पुलिस से जांच अपने हाथ में लेने के बाद CBI ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और उसकी मां गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है। सीबीआई ने प्रक्रिया के अनुसार, राज्य पुलिस की FIR को फिर से दर्ज किया, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया था।
ट्विशा शर्मा (33) का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था। उनके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। वहीं, ट्विशा के ससुराल वालों ने दावा किया कि उसे मादक पदार्थों की लत थी।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की की पीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह सुनिश्चित करेगी कि इस मामले की जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूर्वाग्रह रहित हो।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। इसमें ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास एवं पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को नामजद किया गया है।
पीठ ने कहा, "हम पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ-साथ आरोपियों के परिवार के सदस्यों से भी कहना चाहेंगे कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया प्लेटफॉर्म पर बयान देने के बजाय जांच एजेंसी के समक्ष अपनी बात दर्ज कराएं। ताकि जारी जांच पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और कोई पूर्वाग्रह नहीं हो।"