12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत के बाद अब भी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। इस मामले में बीते दिनों कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। ट्वीशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह सीबीआई हिरासत में हैं। वहीं समर्थ सिंह इन दिनों सीबीआई की हिरासत में एक चर्चित जापानी अपराध-आधारित उपन्यास "बटर" पढ़ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भोपाल में सीबीआई कस्टडी के दौरान उन्हें किताबें पढ़ने की अनुमति दी गई है और उन्होंने इस उपन्यास का बड़ा हिस्सा पढ़ लिया है।
कस्टडी में जापानी क्राइम थ्रिलर पढ़ रहा समर्थ
"बटर" जापान की प्रसिद्ध लेखिका असाको युजुकी द्वारा लिखी गई है। यह किताब जापान की एक वास्तविक घटना से प्रेरित बताई जाती है, जिसमें एक महिला पर संपन्न पुरुषों की हत्या करने के आरोप लगे थे। उपन्यास की कहानी एक पत्रकार रिका माचिदा के इर्द-गिर्द घूमती है। वह मनाको काजी नाम की एक महिला के मामले की जांच करती है। इस महिला पर आरोप है कि उसने कई पुरुषों को अपने प्रभाव में लेकर उन्हें अपने जाल में फंसाया और बाद में उनकी हत्या कर दी। इसी रहस्यमयी मामले की जांच और उससे जुड़े घटनाक्रम इस उपन्यास की मुख्य कहानी हैं।
कहानी में सबूतों के अभाव में बरी हो जाती है कातिल
यह उपन्यास अपराध, जुनून, महिलाओं से जुड़ी सामाजिक अपेक्षाओं, मीडिया की भूमिका और खाने-पीने की संस्कृति जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों को सामने लाता है। कहानी में महिला पर लगातार संदेह बना रहता है, लेकिन पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण आखिर में उसे अदालत से राहत मिल जाती है। वहीं, दूसरी तरफ ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। 33 वर्षीय ट्विशा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल में मृत अवस्था में मिली थीं।
ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद उन्हें दहेज की मांग को लेकर पति और ससुराल पक्ष की ओर से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी आरोप के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। शुक्रवार को भोपाल की एक अदालत ने समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को पांच दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजने का आदेश दिया। जांच एजेंसी ने अदालत से कहा कि मामले की गहराई से जांच के लिए दोनों से विस्तृत पूछताछ करना जरूरी है। जस्टिस शोभना भलावे की अदालत ने सीबीआई की मांग को मंजूर करते हुए समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को 2 जून दोपहर 2 बजे तक सीबीआई कस्टडी में भेज दिया।