जेवर बनेगा उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली! 2 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट हो रहे शुरू; निकलेंगी 3000 जॉब्स

जेवर में बनने वाला हर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड विदेशी मुद्रा की बचत करेगा, रुपये को मजबूत करेगा और भारत के बैलेंस ऑफ पेमेंट्स में सुधार करेगा। दोनों प्रोजेक्ट्स में ASCENT-K Circuit 3,250 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है

अपडेटेड Jun 28, 2026 पर 12:11 PM
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शनिवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यमुना सिटी, जेवर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर इन प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी।

जेवर में लगभग 6,750 करोड़ रुपये के निवेश से दो इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं। इनसे करीब 3,000 नौकरियां पैदा होंगी और जेवर को भारत के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब्स में से एक बनाने में मदद मिलेगी। यह बात केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कही है। वैष्णव ने यमुना सिटी, जेवर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर इन प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दोनों प्रोजेक्ट्स में एडवांस्ड हाई-डेंसिटी और मल्टी-लेयर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) बनाने के लिए ASCENT-K Circuit 3,250 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। यह दक्षिण कोरिया की KCC का जॉइंट वेंचर है। साथ ही HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन एंड एयर कंडीशनिंग) कंपोनेंट्स बनाने और PCB की असेंबलिंग के लिए एंबर एंटरप्राइजेज की 3,500 करोड़ रुपये की फैसिलिटी भी है।

भारत की बढ़ती घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की असेंबलिंग से आगे बढ़कर उनके मुख्य कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रहा है। वैष्णव के मुताबिक, "हम असेंबली से डीप मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रहे हैं। यहां बनने वाले एडवांस्ड मल्टी-लेयर PCB, जिनमें से कुछ में 20 से 22 लेयर्स होती हैं, आधुनिक टेक्नोलॉजी की रीढ़ हैं। जिन चीजों को हम कभी इंपोर्ट करते थे, उन्हें अब हम दुनिया के लिए 'मेक इन इंडिया' के तहत बनाएंगे।"


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40000 करोड़ के PCB इंपोर्ट करता रहा है भारत

वैष्णव ने कहा कि भारत हर साल लगभग 40,000 करोड़ रुपये के PCB इंपोर्ट करता रहा है और घरेलू प्रोडक्शन से इंपोर्ट पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। जेवर में बनने वाला हर PCB विदेशी मुद्रा की बचत करेगा, रुपये को मजबूत करेगा और भारत के बैलेंस ऑफ पेमेंट्स में सुधार करेगा। मंत्री ने कहा कि यमुना सिटी क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये का निवेश जेवर को उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली बनाने में मदद करेगा।

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उन्होंने इलाके में तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चालू हो चुके नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से कनेक्टिविटी और प्रस्तावित दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की वजह से जेवर ग्लोबल निवेशकों के लिए एक आकर्षक जगह बन रहा है।

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