अमेरिकी हमले में UP के शिवानंद चौरसिया की मौत, शिप पर इंजन फिटर थे, 2 दिन पहले परिवार से कहा था- "सब ठीक है"

शिवानंद के परिवार को इस हादसे की जानकारी उनके भाई ने दी, जो दुबई में काम करता है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। देवरिया जिले के सुरौली गांव के रहने वाले शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया ने बताया कि उनकी बेटे से आखिरी बार दो दिन पहले फोन पर बात हुई थी

अपडेटेड Jun 12, 2026 पर 3:33 PM
अमेरिकी हमले में UP के शिवानंद चौरसिया की मौत, शिप पर इंजन फिटर थे, 2 दिन पहले परिवार से कहा था- "सब ठीक है"

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले 35 साल के शिवानंद चौरसिया की ओमान तट के पास हुए अमेरिकी सैन्य हमले में मौत हो गई। वह उस व्यापारी जहाज (मर्चेंट टैंकर) पर इंजन फिटर के रूप में काम कर रहे थे, जिसे 10 जून को निशाना बनाया गया था।

जानकारी के मुताबिक, जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल (क्रू) सदस्य मौजूद थे। हमले के बाद 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे। गुरुवार को तीनों के शव बरामद किए गए, जिनमें शिवानंद चौरसिया भी शामिल थे।

2 दिन पहले परिवार से हुई थी बात


देवरिया जिले के सुरौली गांव के रहने वाले शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया ने बताया कि उनकी बेटे से आखिरी बार दो दिन पहले फोन पर बात हुई थी।

उन्होंने कहा, "उसने बताया था कि सब कुछ ठीक है। हमें क्या पता था कि कुछ ही घंटों बाद ऐसी दुखद खबर मिलेगी।"

परिवार के मुताबिक, शिवानंद करीब आठ महीने पहले मुंबई गए थे और वहीं से एक विदेशी शिपिंग कंपनी में नौकरी शुरू की थी।

भाई ने दी मौत की खबर

शिवानंद के परिवार को इस हादसे की जानकारी उनके भाई ने दी, जो दुबई में काम करता है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी परिवार के घर पहुंची और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई।

पीछे छोड़ गए पत्नी और दो बच्चे

शिवानंद अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस दुख की घड़ी में परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

भारत ने अमेरिका के सामने उठाया मामला

भारत सरकार ने गुरुवार को पुष्टि की कि पिछले चार दिनों में ओमान तट के पास भारतीय क्रू वाले तीन व्यापारी जहाज अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का शिकार हुए हैं। इन घटनाओं में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है।

सरकार ने इस मामले को अमेरिका के समक्ष मजबूती से उठाया है। खास बात यह है कि यह पहली बार है जब सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया है कि अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में भारतीय चालक दल वाले जहाज प्रभावित हुए हैं।

इस घटना ने न सिर्फ मृतकों के परिवारों को गहरा सदमा दिया है, बल्कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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