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US-Israel Attack on Iran: भारत के विदेशी व्यापार को बड़ी चोट पहुंचा सकती है यह लड़ाई, जानिए कैसे

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पश्चिमी देशों से भारत के व्यापार में कमी आ सकती है। साथ ही क्रूड सहित दूसरे कमोडिटीज की सप्लाई चेन पर इस लड़ाई का बड़ा असर पड़ेगा। एक दशक पहले पश्चिम एशिया के साथ भारत के व्यापार में ईरान और इजरायल की (दोनो को मिलाकर और जीसीसी को छोड़कर) करीब 70 फीसदी हिस्सेदारी थी। 2024 तक यह घटकर 20 फीसदी पर आ गई

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 28, 2026 पर 3:13 PM
US-Israel Attack on Iran: भारत के विदेशी व्यापार को बड़ी चोट पहुंचा सकती है यह लड़ाई, जानिए कैसे
मध्यपूर्व में अगर लड़ाई बढ़ी तो इसका सबसे ज्यादा असर दुनियाभर में जरूरी समानों की ढुलाई पर पड़ेगा।

पश्चिम एशिया के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों में बीते एक दशक में बड़ा बदलाव आया है। इस संबंध पर मध्यूपूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर पड़ा है। इस इलाके में बार-बार होने वाले टकरावों का असर इस इलाके के देशों को होने वाली सप्लाई पर पड़ा है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों और अब ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद इस इलाके के देशों के साथ भारत के व्यापार पर बड़ा असर पड़ेगा।

विदेशी व्यापार पर लग सकती है चोट

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पश्चिमी देशों से भारत के व्यापार में कमी आ सकती है। साथ ही क्रूड सहित दूसरे कमोडिटीज की सप्लाई चेन पर इस लड़ाई का बड़ा असर पड़ेगा। एक दशक पहले पश्चिम एशिया के साथ भारत के व्यापार में ईरान और इजरायल की (दोनो को मिलाकर और जीसीसी को छोड़कर) करीब 70 फीसदी हिस्सेदारी थी। 2024 तक यह घटकर 20 फीसदी पर आ गया। इसमें सैंक्शंस, जियोपॉलिटिकल रीएलाइनमेंट और बदलती ट्रेड प्रायरिटीज का हाथ रहा।

ईरान के साथ घटा है व्यापार

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