Vaishno Devi Yatra : लगातार बारिश की वजह से श्री माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा रविवार को लगातार छठे दिन भी बंद रही। पिछले मंगलवार को हुए बादल फटने और लैंडस्लाइड से यात्रा मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस हादसे में 34 लोगों की मौत भी हो गई थी। इसी बीच, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने घोषणा की है कि जब तक यात्रा रुकी हुई है, तब तक सभी बुकिंग्स पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। इसमें शामिल हैं –
श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि जो लोग अपनी बुकिंग रद्द करना चाहते हैं, वे अपने कैंसिलेशन का डिटेल ईमेल से भेज सकते हैं। बोर्ड ने कहा कि –
All bookings cancelled with 100% refund till yatra is suspended. Send cancellation requests with details to refund@maavaishnodevi.net Earlier self-cancellations will get pending refund within 15 days. For queries, contact SMVDSB Call Centre @ 18001807212/ +91 9906019494.
— Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board (@OfficialSMVDSB) August 31, 2025
लैंडस्लाइड में 30 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत
मंगलवार को वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ। इस हादसे में 30 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हुए। यह घटना दोपहर करीब 3 बजे हुई, जब भारी बारिश के कारण कटरा से पवित्र गुफा तक जाने वाले 12 किमी लंबे रास्ते में, आधे रास्ते पर अधकुंवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास पहाड़ से बड़ा लैंडस्लाइड हो गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि जब मौसम विभाग ने पहले से ही भारी बारिश की चेतावनी दी थी, तो यात्रा को समय पर रोका क्यों नहीं गया।
बनाई गई हाई लेवल कमेटी
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, जो माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि अधकुंवारी में बादल फटने से पहले ही यात्रा रोक दी गई थी। उन्होंने लैंडस्लाइड की पूरी वजह पता करने के लिए एक तीन मेंबर्स की हाई लेवल कमेटी बनाने का आदेश दिया है। इस कमेटी के प्रमुख होंगे जम्मू-कश्मीर जल शक्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शालीन काबरा। इनके साथ जम्मू के संभागीय आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक भी सदस्य होंगे।
समिति को आदेश दिया गया है कि वह पूरी जाँच करके दो हफ्तों के अंदर अपनी रिपोर्ट उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को सौंपे। मनोज सिन्हा श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) के अध्यक्ष भी हैं। पिछले दो हफ्तों में यह दूसरी बार है जब जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और लैंडस्लाइड की वजह से कोई बड़ी यात्रा प्रभावित हुई है। इससे पहले, 14 अगस्त को किश्तवाड़ ज़िले में मचैल यात्रा के दौरान बादल फटने से 50 से ज़्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और कई लोग अब भी लापता हैं।
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