Vande Bharat Sleeper Trains: रेलवे अधिकारियों ने बताया कि साउथ वेस्टर्न रेलवे (SWR) ने दो 'वंदे भारत' स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की घोषणा की है जो बेंगलुरु-मुंबई रूट पर चलेंगी। साउथ वेस्टर्न रेलवे (SWR) ने टेस्टिंग और इंस्पेक्शन के बाद 16-कोच वाली दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने की तैयार की हैं। यह ट्रेन बेंगलुरु और मुंबई दोनों जगहों से रात में चलेगी। इस सफर में लगभग 16 घंटे लगेंगे। यानी दोनों शहरों के बीच सफर के समय में लगभग आठ घंटे की कमी आएगी। अन्य ट्रेनों में लगभग 24 घंटे लगते हैं।
चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) की देखरेख में बेंगलुरु में BEML द्वारा बनाई गई ये दो 16-कोच वाली ट्रेनें कर्नाटक-मुख्यालय वाले रेलवे जोन को मिलीं। शुरू किए जाने से पहले इन ट्रेनों का बड़े पैमाने पर टेस्ट और जांच की गई। बेंगलुरु के डिविजनल रेलवे मैनेजर आशुतोष कुमार सिंह ने 'डेक्कन हेराल्ड' अखबार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, "हम लॉन्च की तैयारी कर रहे हैं और टाइम-टेबल की जानकारी जल्द ही दी जाएगी।"
मंजूर किए गए रूट पर जल्द ही एक ट्रायल रन किया जाएगा ताकि यात्रा के समय का पता लगाया जा सके। साथ ही रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइज़ेशन (RDSO) द्वारा स्पीड ट्रायल किया जा सके। बेंगलुरु के एडिशनल डिविजनल रेलवे मैनेजर (ऑपरेशन्स) परीक्षित मोहनपुरिया ने कहा कि रेलवे अधिकारी बेंगलुरु में दो संभावित शुरुआती पॉइंट्स पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि यह ट्रेन बेंगलुरु और मुंबई दोनों जगहों से रात भर चलेगी और लगभग 16 घंटे में यह दूरी तय करेगी। सिंह ने कहा, "इसका किराया हवाई जहाज के टिकट से काफी कम होगा। हमें भरोसा है कि यह सर्विस सफल रहेगी।"
इस ट्रेन में 11 3AC कोच, चार 2AC कोच और एक 1AC कोच होगा। 3AC का किराया लगभग 3,000 रुपये होने की उम्मीद है, जिसमें ट्रेन में मिलने वाला खाना भी शामिल होगा। यह ट्रेन कल्याणा कर्नाटक क्षेत्र से होकर गुजरेगी। इससे बेंगलुरु और मुंबई के बीच तेज रेल कनेक्टिविटी की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। मौजूदा खास ट्रेनों, जैसे उद्यान एक्सप्रेस और SMVT बेंगलुरु-LTT मुंबई एक्सप्रेस, में लगभग 24 घंटे लगते हैं।
प्रस्तावित रूट में रायचूर, यादगीर और कलबुर्गी शामिल होंगे। यह रूट 1,137 km लंबा है। यह पूरी तरह से इलेक्ट्रिफाइड और डबल-ट्रैक वाला है। इसके ज्यादातर हिस्सों पर 130 km/h तक की स्पीड से ट्रेन चल सकती है। अधिारियों ने बताया कि यह ट्रेन KSR बेंगलुरु–CSMT मुंबई रूट के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। जबकि SWR अभी भी SMVT बेंगलुरु को शुरुआती स्टेशन बनाने पर विचार कर रहा है। ट्रेन के डिब्बों (रेक) की मुख्य देख-रेख KSR बेंगलुरु या SMVT बेंगलुरु में की जाएगी।
हुबली रूट पर विचार नहीं किया गया
जनप्रतिनिधियों और रेलवे एक्टिविस्ट्स ने पहले मांग की थी कि कर्नाटक के दूर-दराज़ इलाकों तक बेहतर सुविधा पहुँचाने के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हुबली के रास्ते चलाया जाए। हालांकि, इस प्रस्ताव पर विचार नहीं किया गया क्योंकि इस रूट की दूरी ज्यादा (1,216 km) होती। इसमें सिंगल-ट्रैक वाले हिस्से और स्पीड लिमिट वाले स्ट्रेच भी शामिल होते।
अधिकारियों ने बताया कि चुना गया कल्याणा कर्नाटक रूट 1,137 km लंबा है। यह पूरी तरह से इलेक्ट्रिफाइड और डबल-ट्रैक वाला है। इसके ज्यादातर हिस्सों पर 130 km/h तक की स्पीड से ट्रेन चल सकती है। इसलिए, उम्मीद है कि यह नई सर्विस बेंगलुरु और मुंबई के बीच तेज और आरामदायक रेल लिंक देगी। जल्द ही इसके लॉन्च की तारीख और फ़ाइनल टाइम-टेबल की घोषणा होने की संभावना है।