Fake IAS officer arrested in Bihar: बिहार के खगड़िया जिले में खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी बताने और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से संबंध होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने उसके घर से 31 लीटर से अधिक विदेशी शराब, टेस्ला कार और अन्य कीमती सामान बरामद किया है। उसने कथित तौर पर NSA अजीत डोभाल के अंडरकवर एजेंट के तौर पर काम करने का दावा किया था। फर्जी IAS को खगड़िया जिले से गिरफ्तार किया गया है। फर्जी IAS के पास 100 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी और टेस्ला कार मिली है।
खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (SP) भानु प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर निवासी मनीष गुप्ता के रूप में हुई है। वह कथित तौर पर खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर बिहार के विभिन्न हिस्सों में धोखाधड़ी करता था। सिंह ने बताया कि एक सूचना के आधार पर पुलिस ने गुप्ता के ठिकाने पर छापेमारी की। फिर रविवार 9 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया।
NSA अजीत डोभाल के साथ काम करने का दावा
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, "पूछताछ के दौरान गुप्ता ने केंद्रीय सतर्कता आयोग का एक कार्ड दिखाया और दावा किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अधीन एक गुप्त एजेंट के रूप में काम करता है। उसने खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाला एक पहचान पत्र भी दिखाया। लेकिन प्रारंभिक जांच में उसके सभी दावे फर्जी पाए गए।"
विदेशी शराब और Tesla कार जब्त
पुलिस ने आरोपी के घर से 31 लीटर से अधिक विदेशी शराब, बड़ी मात्रा में बीयर, एक टेस्ला कार (जिस पर 'भारत सरकार' का बोर्ड लगा था) एक टाटा सफारी, पांच आईफोन, 20 क्रेडिट कार्ड, आठ डेबिट कार्ड, चार चेकबुक और अन्य सामान बरामद किए। सिंह ने कहा, "एफएसडी सुविधा से लैस टेस्ला कार भारत में दुर्लभ है। हमने बारहसिंगा (दलदली हिरण) के दो सींग भी बरामद किए हैं, जिनका रखना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दंडनीय है।"
उन्होंने बताया कि पुलिस गुप्ता की संपत्ति की जांच कर रही है। इस काम में बिहार पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (EOU) समेत अन्य जांच एजेंसियों की मदद ली जा रही है। SP ने कहा कि आरोपी ने संपत्तियां कथित तौर पर धोखाधड़ी, छल या भ्रष्टाचार के जरिए हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि कथित धोखाधड़ी और गुप्ता की संपत्तियों के स्रोत की डिटेल्स जांच की जाएगी।
अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि मनीष गुप्ता ने ये संपत्तियां कैसे हासिल कीं। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या इनका कथित धोखाधड़ी वाली गतिविधियों से कोई संबंध था? सिंह ने आगे कहा, "गुप्ता ने जो संपत्तियां हासिल कीं, वे धोखाधड़ी, धोखे या भ्रष्टाचार के जरिए हासिल की गई है।"
खबरों के मुताबिक, पुलिस ने कहा कि जांच में कथित धोखाधड़ी के साथ-साथ गुप्ता की संपत्ति के सोर्स का भी पता लगाया जाएगा। अधिकारी जांच के हिस्से के तौर पर उनके घर से बरामद दस्तावेजों और अन्य चीजों की भी जांच कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि कथित धोखाधड़ी और गलत पहचान बताने की गतिविधियों के दायरे का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर जांच की जाएगी, ताकि यह तय किया जा सके कि क्या गुप्ता ने लोगों या संस्थाओं को धोखा देने के लिए अपने कथित सरकारी संपर्कों का इस्तेमाल किया था।