Vijay Government Formation: तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय के सीएम बनने पर फिलहाल संकट के बादल मंडरा रहे हैं। तमिलनाडु के राज्यपाल ने उनके मुख्यमंत्री बनने के सपने में फिलहाल अड़ंगा लगा दिया है। दरअसल, बुधवार के टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की और राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। विजय ने जो दावा पेश किया उसमें 112 विधायकों का समर्थन था और सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 118 है। वहीं टीवीके की सरकार बनाने की कोशिशों के बीच DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन का बड़ा बयान सामने आया है।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) अब टीवीके नेता सी. जोसेफ विजय के सरकार बनाने का इंतजार करेगी और अगले छह महीने तक बिना किसी दखल के नई सरकार के कामकाज पर नजर रखेगी। स्टालिन ने संकेत दिए कि डीएमके राज्य में किसी तरह का संवैधानिक संकट या जल्द दोबारा चुनाव नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नई सरकार उनकी सरकार के दौरान शुरू की गई जनकल्याण योजनाओं को जारी रखेगी और साथ ही टीवीके के चुनावी वादों को भी पूरा करने की कोशिश करेगी।
इन योजनाओं बने रहने की कर दी अपील
जब उनसे पूछा गया कि नई सरकार को सबसे पहले कौन-सी योजना जारी रखनी चाहिए, तो उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के लिए मुफ्त नाश्ता योजना बंद नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने ‘कलाईनार मगलीर उरिमाई थोगई’ योजना जारी रखने की भी बात कही, जिसके तहत परिवार की महिला मुखियाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाते हैं। विजय द्वारा महिलाओं को 2,500 रुपये मासिक सहायता देने के वादे पर स्टालिन ने कहा कि इसे लागू करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा, “कम से कम 1,000 रुपये तो जरूर दें, जैसा हमने किया था।” स्टालिन ने दावा किया कि उनकी सरकार ने 2021 के चुनावी घोषणापत्र में किए गए करीब 90 प्रतिशत वादों को पूरा किया।
बता दें कि तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने बुधवार को राज्य की 16वीं विधानसभा भंग कर दी गई है। राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 23 अप्रैल को हुए थे और परिणाम चार मई को घोषित किए गए। सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को विजय के नेतृत्व वाली नई पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने हरा दिया। टीवीके को 108 सीटें मिली हैं . द्रमुक को 59 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। टीवीके ने 108 सीटें, द्रमुक ने 59, अन्नाद्रमुक ने 47, कांग्रेस ने 5, पीएमके ने चार, आईयूएमएल, भाकपा, माकपा और वीसीके ने दो-दो सीटें जीती हैं. भाजपा, डीएमडीके और एएमएमके को एक-एक सीट मिली है।
राज्य में लागू होगा राष्ट्रपति शासन...जानें क्या कहता है संविधान
विधानसभा भंग होने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन की संभावना मजबूत हो गई है। मौजूदा 16वीं विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है। अगर 10 मई तक राज्य में सरकार का गठन नहीं हो पा रहा है राज्यपाल केंद्र सरकार के पास राष्ट्रपति शासन की सिफारिश भेज सकते हैं। वहीं इस मामले पर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि, राज्यपाल यह नहीं कह सकते कि वह केवल तभी शपथ ग्रहण की अनुमति देंगे जब पूरी संख्या दिखाई जाए। सरकार गठन के लिए आमंत्रित करने का अधिकार राज्यपाल के पास होता है। जब किसी (पार्टी) के पास स्पष्ट बहुमत न हो, तब दावेदार पार्टी से संख्या साबित करने के लिए कहना गलत नहीं है। बहुमत साबित करने की सही जगह विधानसभा होती है।