India Weather News : अप्रैल का महीना जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा चिलचिलाती गर्मी भी बढ़ती जा रही। उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान झुलसाने वाली गर्मी पड़नी शुरू हो गई है तो। दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश के आसार हैं। IMD ने कुछ राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की मानें, तो अप्रैल के दूसपे हफ्ते में ही गर्मी अपना तांडव दिखाएगी और लू भी पूरा कहर बरपाएगी।
देश के कई राज्यों में गर्मी तेज़ी से बढ़ रही है और लू चलने की संभावना भी जताई जा रही है। खासतौर पर मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7-8 अप्रैल के आसपास लू चल सकती है।
दिल्ली और इन इलाकों में जल्द शुरू हुई गर्मी
स्काईमेट वेदर के जलवायु एवं मौसम विज्ञान विभाग के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि अरब सागर के ऊपर एक प्रतिचक्रवात बना हुआ है, जिससे गर्म हवाएं राजस्थान और गुजरात की तरफ आ रही हैं। ये हवाएं बहुत गर्म होती हैं और इसी वजह से पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में मौसम शुष्क रहेगा और ये इलाका भी इन गर्म हवाओं से प्रभावित होगा। दिल्ली में भी जल्द ही लू चलने की संभावना है।
महेश पलावत ने यह भी कहा कि, “इस बार गर्मी बहुत जल्दी शुरू हो गई है। हमने मार्च के महीने में ही गर्मी की लहरें देखीं, जो आमतौर पर इतनी जल्दी नहीं होती। यह स्थिति सामान्य नहीं है।” लोगों को सलाह दी गई है कि वे तेज धूप और गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतें और जरूरी न हो तो दोपहर में बाहर निकलने से बचें।
मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
वहीं भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि, 6 और 7 अप्रैल को गुजरात में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ने वाली है। इसलिए वहां के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने पहले ही 31 मार्च को कहा था कि अप्रैल से जून के बीच पूरे देश में सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ेगी। खासतौर पर उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में लू चलने की संभावना ज्यादा है। दिन और रात दोनों में तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। लोगों से अपील की गई है कि वो गर्मी को हल्के में न लें, और गर्मी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां जरूर बरतें।
इन राज्यों में हो सकती है बारिश
इस समय असम और उसके आसपास के इलाके में ऊपरी हवा में चक्रवात जैसा सिस्टम बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्र में भी एक चक्रवाती सिस्टम बना है। इसके अलावा, कर्नाटक से लेकर महाराष्ट्र और तमिलनाडु तक एक ट्रफ लाइन फैली हुई है। इन मौसमी सिस्टम्स और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के असर से आने वाले दिनों में कुछ राज्यों में बारिश, गरज, बिजली और तेज़ हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) चलने की संभावना है।
किन-किन राज्यों में असर रहेगा