दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों से जारी चिलचिलाती गर्मी के बीच शुक्रवार शाम मौसम ने अचानक करवट बदल ली। दिल्ली और आसपास के इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ गरज-चमक और हल्की बूंदाबांदी ने दस्तक दी। इससे दिल्ली एनसीआर के लोगों को तपती गर्मी से मामूली राहत मिली है। क्या आने वाले दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर का मौसम ऐसा ही रहेगा? आइए आपको बताते हैं कि भारत के मौसम विभाग (IMD) ने 20 अप्रैल तक के मौसम के लिए क्या संभावनाएं जताई हैं।
आपको बता दें कि शुक्रवार शाम को दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में अचानक छाए बादलों और तेज हवाओं ने मौसम खुशनुमा बना दिया। राजधानी में पिछले कुछ दिनों से तापमान 40 डिग्री के करीब बना हुआ था, ऐसे में गरज-चमक के साथ हुई इस हल्की बारिश ने लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से फौरी राहत दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों और पड़ोसी देश पाकिस्तान के ऊपर बने एक इंड्यूस्ड साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से यह बदलाव आया है। राजस्थान के गंगानगर, हनुमानगढ़, चुरु और बीकानेर में कल हुई बारिश और आंधी का असर दिल्ली तक पहुंचा है। वहां से उड़ी धूल की वजह से दिल्ली-एनसीआर की हवा में धुंध देखी गई और एयर क्वालिटी में भी गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले मौसम विभाग ने भी शुक्रवार शाम के लिए दिल्ली के सभी जिलों में 'यलो अलर्ट' जारी करते हुए हल्की बारिश और 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया था।
IMD का 20 अप्रैल तक का प्रेडिक्शन जान लीजिए
भले ही शुक्रवार की हल्की बारिश ने राहत दी हो, लेकिन मौसम विभाग की 20 अप्रैल तक की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली-एनसीआर में गर्मी अभी और सताएगी। 18 अप्रैल को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 40°C से 42°C के बीच रहने का अनुमान है। यह सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक होगा। इसी तरह 19 अप्रैल को गर्मी का प्रकोप बढ़ने का अनुमान है और पारा 42°C को छू सकता है। दिन के समय उत्तर-पश्चिमी दिशा से गर्म हवाएं (लू) चलने की संभावना है। 20 अप्रैल को भी आसमान साफ रहेगा, लेकिन धूप के तेवर तीखे होंगे। अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच रहने की उम्मीद है।
शुक्रवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान है। अगले दो से तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर में तापमान तेजी से बढ़ेगा, जिससे छिटपुट स्थानों पर हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है।