पेट्रोल-डीजल पर आई सबसे बड़ी खुशखबरी, पश्चिम बंगाल में जमीन के नीचे दबे इस खजाने से दूर होगा फ्यूल का संकट! अब तो कोई अड़चन नहीं

West Bengal Ashoknagar Oil Field: अशोकनगर कोई नॉर्मल ऑयल फील्ड नहीं, बल्कि इसके आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। ONGC ने साल 2018 में इस तेल क्षेत्र की खोज की थी। यह पूरे पूर्वी भारत का पहला ऐसा क्षेत्र है, जहां इतनी बड़ी मात्रा में तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार मिले हैं

अपडेटेड May 26, 2026 पर 12:57 PM
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पश्चिम बंगाल का 'अशोकनगर' आने वाले दिनों में भारत का पेट्रोल-डीजल संकट हमेशा के लिए खत्म कर सकता है

Ashoknagar Oil Field West Bengal: पूरी दुनिया में इस समय एनर्जी क्राइसिस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लगी हुई है। मिडिल ईस्ट में तनाव और ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल का एक छोटा सा कस्बा 'अशोकनगर' आने वाले दिनों में भारत का पेट्रोल-डीजल संकट हमेशा के लिए खत्म करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

कोलकाता से महज 48 किलोमीटर दूर उत्तर 24 परगना जिले में स्थित अशोकनगर तेल क्षेत्र से बहुत जल्द कच्चे तेल का कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने जा रहा है। कूटनीतिक और आर्थिक रूप से इस प्रोजेक्ट को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।

24 करोड़ बैरल तेल का है भंडार


अशोकनगर कोई साधारण तेल क्षेत्र नहीं है, बल्कि इसके आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। ONGC ने साल 2018 में इस तेल क्षेत्र की खोज की थी। यह समूचे पूर्वी भारत का पहला ऐसा क्षेत्र है, जहां इतनी बड़ी मात्रा में तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार मिले हैं।

शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, अशोकनगर की इस जमीन के नीचे 24 करोड़ बैरल से ज्यादा कच्चा तेल दबा हुआ है। अगर यहां से पूरी क्षमता के साथ प्रोडक्शन शुरू होता है, तो भारत की विदेशों से तेल आयात करने की निर्भरता काफी कम हो जाएगी।

काम में तेजी लाने के लिए दिल्ली में हलचल तेज

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के खतरों के बीच इस प्रोजेक्ट को चालू करने के लिए केंद्र सरकार ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। शनिवार को भाजपा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की।

इस बैठक में मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल की सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और अशोकनगर तेल क्षेत्र में तुरंत उत्पादन शुरू करने को लेकर गंभीर चर्चा हुई।बैठक के बाद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के औद्योगिक विकास और आर्थिक ताकत को दोबारा खड़ा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

चुनावी विवादों के कारण रुकी थी खुदाई, अब 'ग्रीन सिग्नल' की तैयारी

अशोकनगर में तेल निकालने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो सकती थी, लेकिन इसमें कुछ स्थानीय अड़चनें आ गई थीं। विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले स्थानीय विवादों और विरोध के कारण ओएनजीसी (ONGC) को यहां ड्रिलिंग का काम रोकना पड़ा था।

सूत्रों के मुताबिक, राज्य में बदले राजनीतिक समीकरणों और केंद्र के सख्त रुख के बाद अब ONGC के सामने आने वाली बाधाएं लगभग खत्म हो गई हैं। ओएनजीसी बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द एक्सट्रैक्शन यानी तेल निकालने का काम पूरा करने की तैयारी में है।

तैयार हो रहा 'सोनार बांग्ला' का रोडमैप

सांसद शमिक भट्टाचार्य की वित्त मंत्री से यह मुलाकात इसलिए भी बेहद अहम है क्योंकि इससे ठीक दो दिन पहले शुभेंदु अधिकारी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।

भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री के 'सोनार बांग्ला' के विजन को पूरा करने के लिए एक विशेष कूटनीतिक रोडमैप तैयार किया गया है। बंगाल के विकास, रोजगार और भारी निवेश के लिए केंद्र सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा। अशोकनगर ऑयल प्रोजेक्ट इसी बड़े आर्थिक सुधार का सबसे पहला और बड़ा चेहरा बनने जा रहा है।

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