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GPS Spoofing क्या होती है? जिससे मंडरा रहा देश की फ्लाइट पर बहुत बड़ा खतरा!

सिविल एविएशन मंत्री नायडू ने बताया कि नवंबर 2023 में DGCA ने एयरलाइंस को यह अनिवार्य कर दिया था कि अगर उड़ान के दौरान GPS जामिंग या स्पूफिंग का शक भी हो तो, उसे तुरंत रिपोर्ट किया जाए। तब से सरकार को कोलकाता, अमृतसर, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स से लगातार ऐसी रिपोर्ट मिल रही हैं

Shubham Sharmaअपडेटेड Dec 03, 2025 पर 7:22 PM
GPS Spoofing क्या होती है? जिससे मंडरा रहा देश की फ्लाइट पर बहुत बड़ा खतरा!
GPS Spoofing क्या होती है? जिससे मंडरा रहा देश की फ्लाइट पर बहुत बड़ा खतरा! (PHOTO- AI)

देश की राजधानी समेत कई बड़े शहरों के पास उड़ रही फ्लाइट के ऊपर एक बड़ा खतरा मंडर रहा है। अब तो खुद केंद्र सरकार ने भी इसे माना है। केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि पिछले एक साल में दिल्ली समेत देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स के पास उड़ रही फ्लाइट्स को GPS स्पूफिंग और GNSS इंटरफेरेंस का सामना करना पड़ा है। यह जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी। देशभर के एयरपोर्ट्स से लगातार ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं।

नायडू ने बताया कि नवंबर 2023 में DGCA ने एयरलाइंस को यह अनिवार्य कर दिया था कि अगर उड़ान के दौरान GPS जामिंग या स्पूफिंग का शक भी हो तो, उसे तुरंत रिपोर्ट किया जाए। तब से सरकार को कोलकाता, अमृतसर, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स से लगातार ऐसी रिपोर्ट मिल रही हैं।

एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि कुछ फ्लाइट्स ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर रनवे 10 पर सैटेलाइट-बेस्ड लैंडिंग के समय GPS स्पूफिंग की शिकायत की।

ऐसा में जब GPS गलत डेटा दिखाने लगा, तो विमानों ने तुरंत सुरक्षा नियमों के तहत कंटिन्जेंसी प्रोसीजर अपनाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाकी रनवे, जो ग्राउंड-बेस्ड नेविगेशन पर चलते हैं, उनके ऑपरेशन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

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