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इस बार पश्चिम बंगाल में बकरीद की कुर्बानी में क्या बदल जाएगा? पहले जैसी तो नहीं होगी

बकरीद को लेकर पश्चिम बंगाल में इस बार बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 के नियमों को कड़ाई से लागू करने के फैसले के बाद इस पर एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी बहस छिड़ गई है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड May 25, 2026 पर 12:20 PM
इस बार पश्चिम बंगाल में बकरीद की कुर्बानी में क्या बदल जाएगा? पहले जैसी तो नहीं होगी
इस बार पश्चिम बंगाल में बकरीद की कुर्बानी में क्या बदल जाएगा?

बकरीद को लेकर पश्चिम बंगाल में इस बार बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 के नियमों को कड़ाई से लागू करने के फैसले के बाद इस पर एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी बहस छिड़ गई है। इसी बीच कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के विधायक मुस्तफिजुर रहमान राणा का एक बड़ा बयान सामने आया है। मुर्शिदाबाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा है कि इस बार पश्चिम बंगाल में कुर्बानी उस तरीके से नहीं होगी जैसे पहले हुआ करती थी। आइए जानते हैं कि इस बार बकरीद पर क्या बदलने वाला है और इसे लेकर क्या विवाद खड़ा हो गया है।

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक मुर्शिदाबाद में विधायक मुस्तफिजुर रहमान राणा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कोई नया कानून नहीं लाई है, बल्कि एक पुराने कानून को ही लागू कर रही है। राणा ने कहा कि इस सरकार ने कोई नया एक्ट लागू नहीं किया है। यह एक्ट साल 1950 से ही अस्तित्व में है। पिछली सरकारों ने इस एक्ट को लागू नहीं किया था, लेकिन मौजूदा सरकार इसे लागू करना चाहती है।

'कुर्बानी होगी, लेकिन बहुत समझदारी से करनी होगी'

विधायक मुस्तफिजुर रहमान राणा ने बताया कि बकरीद के दौरान इन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस स्टेशन के लेवल पर प्रशासनिक बैठकें पहले ही आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने आगे कहा कि सभी थानों में प्रशासनिक स्तर पर बैठकें हो चुकी हैं। हम इस बार उस तरह से कुर्बानी नहीं करेंगे जैसे पहले किया करते थे। इसे बहुत ही समझदारी के साथ करना होगा, लेकिन कुर्बानी की जाएगी।

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