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'डेटा शेयरिंग पर मानेंगे CCI के नियम', प्राइवेसी को लेकर WhatsApp ने सुप्रीम कोर्ट को दिया भरोसा

WhatsApp Privacy: यह मामला WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा शेयरिंग से जुड़ा है, जिस पर CCI ने कड़ी आपत्ति जताई थी। डेटा शेयरिंग के उल्लंघन को लेकर सीसीआई ने WhatsApp और मेटा पर ₹213.14 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया था। आरोप था कि ये कंपनियां यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल विज्ञापन और बाजार में एकाधिकार बनाने के लिए कर रही है

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Feb 24, 2026 पर 12:36 PM
'डेटा शेयरिंग पर मानेंगे CCI के नियम', प्राइवेसी को लेकर WhatsApp ने सुप्रीम कोर्ट को दिया भरोसा
WhatsApp ने मान लिया है कि वह 16 मार्च तक NCLAT के दिशा-निर्देशों को पूरी तरह लागू कर देगा।

WhatsApp: प्राइवेसी और डेटा शेयरिंग को लेकर चल रहे विवाद में WhatsApp और इसकी पैरेंट कंपनी Meta ने सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। दिग्गज टेक कंपनी ने अदालत को बताया कि वे विज्ञापन से संबंधित डेटा के लिए 'भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग' (CCI) के प्राइवेसी और सहमति संबंधी दिशा-निर्देशों को लागू करने के लिए तैयार है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए कंपनियों की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने इन नियमों पर रोक लगाने की मांग की थी।

क्या है पूरा विवाद?

यह मामला WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा शेयरिंग से जुड़ा है, जिस पर CCI ने कड़ी आपत्ति जताई थी। डेटा शेयरिंग के उल्लंघन को लेकर सीसीआई ने WhatsApp और मेटा पर ₹213.14 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया था। आरोप था कि ये कंपनियां यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल विज्ञापन और बाजार में एकाधिकार बनाने के लिए कर रही हैं। पिछले साल दिसंबर में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल(NCLAT) ने डेटा शेयरिंग पर पूरी तरह बैन तो हटा दिया था, लेकिन कड़े प्राइवेसी और यूजर की सहमति वाले नियमों को अनिवार्य कर दिया था। अब WhatsApp ने मान लिया है कि वह 16 मार्च तक इन दिशा-निर्देशों को पूरी तरह लागू कर देगा।

'डेटा शेयरिंग के नाम पर नागरिकों के हक से खिलवाड़ नहीं'

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