पटना के चर्चित यूट्यूबर और शिक्षक खान सर की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लग गई है। इस राहत के पीछे जिस वकील का बड़ा योगदान माना जा रहा है, उनका नाम है अरविंद कुमार मव्वर। पटना सिविल कोर्ट में उन्होंने ऐसी दलीलें पेश कीं कि जिला जज ने खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी।
कौन हैं अरविंद कुमार मव्वर?
अरविंद कुमार मव्वर पटना के जाने-माने वकील हैं। वह करीब 20 साल से पटना हाई कोर्ट और जिला अदालतों में वकालत कर रहे हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पटना कॉलेजिएट स्कूल से की और इसके बाद LLB की डिग्री हासिल की। लंबे समय से कानून के क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण उनकी पहचान एक अनुभवी और भरोसेमंद वकील के रूप में बन चुकी है।
किस तरह के मामलों में हैं माहिर?
मव्वर खास तौर पर क्रिमिनल मामलों, जमानत और अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) से जुड़े केसों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। इसके अलावा वह संपत्ति विवाद, सिविल केस और पारिवारिक मामलों की भी पैरवी करते हैं।
कानूनी जानकारों के मुताबिक, उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे किसी भी केस में दलील देने से पहले सबूतों और दस्तावेजों का गहराई से अध्ययन करते हैं। यही वजह है कि कठिन मामलों में भी उनकी दलीलें अदालत का ध्यान खींचती हैं।
खान सर के मामले में क्या हुआ?
मुसल्लहपुर फायरिंग मामले में खान सर के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज हुई थी। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी की आशंका बनी हुई थी। इस स्थिति में अरविंद कुमार मव्वर ने पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की।
सुनवाई के दौरान उन्होंने कोर्ट के सामने मजबूत पक्ष रखा, जिसके बाद जिला जज ने खान सर की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी। साथ ही अदालत ने पुलिस से केस डायरी और फोरेंसिक रिपोर्ट भी पेश करने का निर्देश दिया।
फिलहाल खान सर को मिली राहत अस्थायी है। अगली सुनवाई में कोर्ट केस डायरी और फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच करेगा। इसके बाद यह तय होगा कि खान सर को नियमित जमानत मिलेगी या नहीं।
हालांकि, अभी के लिए अरविंद कुमार मव्वर की दलीलों ने खान सर को बड़ी राहत दिलाई है और इसी के साथ बिहार के इस चर्चित मामले में वकील मव्वर भी चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।