Viral Video: कौन हैं बीजेपी पार्षद किशन नायक, जिन्होंने अपने जन्मदिन पर नाले में उतरकर काटा केक
Who is Kishan Nayak: देश में आए दिन नेताओं के ऐसे कोई न कोई वीडियो वायरल होते रहते हैं, जो यह दिखाते हैं कि वे जनता की समस्याओं को लेकर कितने गंभीर हैं। दरअसल, हम बात कर रहे हैं आगरा के वार्ड 12 से बीजेपी पार्षद किशन नायक की, जिन्होंने गुरुवार को एक अनोखा कदम उठाया।
Who is Kishan Nayak: देश में आए दिन नेताओं के ऐसे कोई न कोई वीडियो वायरल होते रहते हैं, जो यह दिखाते हैं कि वे जनता की समस्याओं को लेकर कितने गंभीर हैं। दरअसल, हम बात कर रहे हैं आगरा के वार्ड 12 से बीजेपी पार्षद किशन नायक की, जिन्होंने गुरुवार को एक अनोखा कदम उठाते हुए अपने जन्मदिन का केक नाले में काटा। जिसके बाद उनका वीडियो इंटरनेट पर खुब चर्चा बटोर रहा है।
दरअसल, यह पूरा मामला न्यू विजय नगर कॉलोनी के नागला धानी इलाके की है, जहां गंदे और ओवरफ्लो हो रहे नाले से जन जीवन बेहाल है। लोगों के कई बार शिकायत करने पर भी प्रशासन द्वारा यहां की समस्या पर गौर नहीं किया गया।
इसी समस्या को देखते हुए पार्षद किशन नायक ने अपने जन्मदिन पर कहीं और केक काटने की बजाय घुटनों तक भरे नाले के पानी में उतर गए और वहीं केक काटा। उस समय हल्की बारिश भी हो रही थी और स्थानीय लोग नारे भी लगा रहे थे। इस घटना के बाद वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और और इंटरनेट पर इसकी खूब चर्चा हो रही है।
Bro is Kishan Nayak, a sitting BJP councillor from Agra
His ward people were facing issues related to water logging and drainage So bro lodged complaint with higher authorities ruled by BJP. Not once or twice but 12 times. Still they ignored his complaints. Even local BJP MLA… pic.twitter.com/HHzTAxvngm — Ankit Mayank (@mr_mayank) June 26, 2026
बता दें कि नायक नगला हरमुख वार्ड का प्रतिनिधित्वा करते हैं। उन्होंने पिछले तीन सालों में मेयर और नगर आयुक्त को 30 से ज़्यादा पत्र लिखकर सुल्तानगंज पुलिया से लंगड़े की चौकी होते हुए यमुना नदी तक जाने वाले नाले की सफाई और मरम्मत की मांग की है।
उनका कहना है कि यह नाला कभी एक ऐतिहासिक शाही नहर हुआ करता था, लेकिन 2011 से इसकी ठीक से सफ़ाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि कागजों पर तो बार-बार सफाई का काम पूरा दिखाया गया है, लेकिन असल में यहां के लोग बरसों से जल-जमाव, गंदगी और बदबू के बीच रह रहे हैं। इस नाले में गिरकर तीन लोगों — दो बच्चों और एक किसान — की मौत हो चुकी है और एक बच्चा अभी भी लापता है।
Centre- BJP State- BJP Mayor- BJP Councillor- BJP UP BJP Councillor Kishan Nayak elaborates on his complaints about sewerage and sanitation issues that have been ignored by senior officials of the Agra Municipal Corporation. https://t.co/wqd5T1iPYopic.twitter.com/ZDUqsnRBdh — Piyush Rai (@Benarasiyaa) June 26, 2026
उन्होंने अपने जन्मदिन पर विरोध क्यों किया?
नायक का कहना है कि यह समय जान-बूझकर और एक खास मकसद से चुना गया था। उन्होंने बताया कि उनके वार्ड के लोगों को शादी-ब्याह, त्योहार और पारिवारिक कार्यक्रम कूड़े और बाढ़ के पानी के बीच करने पड़ते हैं — इसलिए उन्होंने भी अपना जन्मदिन उसी तरह मनाने का फैसला किया। उन्होंने कहा, "हमने प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचने के लिए नाले में जन्मदिन मनाया।" साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मॉनसून आने वाला है और पानी जमा रहने की समस्या हल न होने से सेहत और बाढ़ का गंभीर खतरा बना हुआ है।
इंटरनेट पर क्या कहा जा रहा है?
इस वीडियो पर ऑनलाइन कई तरह की प्रतिक्रियाएं आई हैं-कहीं लोग सच में तारीफ कर रहे हैं, तो कहीं तीखे राजनीतिक मजाक भी हो रहे हैं।
यूजर @mr_mayank ने एक पोस्ट में लिखा, "भाई को इस बात की परवाह नहीं थी कि BJP क्या एक्शन लेगी, न ही उन्हें ED की चिंता थी। भाई अपने लोगों के साथ खड़े रहे। भाई गलत पार्टी में एक अच्छे इंसान हैं। भाई जैसे बनो।" पोस्ट में यह भी बताया गया कि नायक ने उच्च अधिकारियों (जो सभी BJP-शासित राज्यों में थे) से कम से कम 12 बार शिकायत की थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला; न तो स्थानीय MLA ने और न ही MP ने इसमें कोई दखल दिया।
वहीं, कुछ यूजर्स ने सिस्टम की खामियों पर तीखी टिप्पणी की। @YTKDIndia ने लिखा कि जब एक विभाग फाइल आगे बढ़ाता है, तो दूसरा विभाग जिम्मेदारी टाल देता है—और नाली वहीं की वहीं रह जाती है।
यूजर @DikshaKandpal8 ने बताया कि खुद नायक ने प्रधानमंत्री की मुख्य योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी का 'स्वच्छ भारत मिशन' जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो रहा है — यह बीजेपी के ही अंदर से की गई तीखी आलोचना थी।
वहीं, मीम बनाने वालों को सत्ताधारी पार्टी के एक पार्षद की तस्वीर पर मजाक करने का मौका मिल गया, जिसमें वह अपनी ही पार्टी के सिविक एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ विरोध कर रहे थे — कई यूजर्स ने मजाक में कहा कि बीजेपी को अपना ही विरोध करने का एक नया तरीका मिल गया है। आगरा को 'स्मार्ट सिटी' का दर्जा मिलने की वजह से यह नजारा और भी ज्यादा चर्चा का विषय बन गया।