Gurpreet Singh Shot Dead: पंजाब के फिरोजपुर में आम आदमी पार्टी (AAP) के एक सीनियर नेता गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने रविवार (30 अगस्त) को बताया कि हमलावरों ने उनके बाइक का काफी देर तक पीछा किया और फिर उनपर तोबड़तोड़ फायरिंग की। यह हत्याकांड रविवार (29 अगस्त) शाम पंजाब के सीमावर्ती जिले फिरोजपुर के ममदोट शहर में हुई। गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की सरेआम कई राउंड गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हथियारबंद हमलावरों ने कथित तौर पर उस मोटरसाइकिल का पीछा किया जिस पर वह सवार थे। फिर उन पर गोलियां चला दीं। यह घटना शाम करीब 7:45 बजे हुई। पुलिस के मुताबिक, गोपी और एक अन्य व्यक्ति मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, तभी कार में सवार हमलावरों ने उनका पीछा किया और फायरिंग कर दी।
गोलीबारी में गोपी को गंभीर चोटें आईं। फिर उन्हें इलाज के लिए फिरोजपुर के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद, फिरोजपुर ग्रामीण के डीएसपी करण कुमार शर्मा भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। घटनाक्रम का पता लगाने तथा हमलावरों की पहचान करने के लिए इलाके में और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। इस हत्याकांड से पंजाब में तनाव का माहौल है। इस हत्याकांड पर इसलिए अधिक सवार उठ रहे हैं क्योंकि पंजाब में आम आदमी पार्टी की ही सरकार है।
दोस्त के कार पर भी गोलीबारी
SSP ने बताया कि इस हमले के पीछे एक पुराना विवाद था। जांच में चुनाव से जुड़ा विवाद एक अहम पहलू के तौर पर सामने आया है। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस भूपिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि गोपी और उनके दोस्त हरप्रीत मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। जबकि उनके कुछ दोस्त एक अलग कार में उनके पीछे आ रहे थे। पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने उस कार पर भी गोलीबारी की।
'आरोपी का आपराधिक बैकग्राउंड है'
जांच करने वाले अधिकारी गाड़ी पर हुई फायरिंग से जुड़े हालात की जांच कर रहे हैं। घटनाक्रम का पूरा ब्योरा पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू ने कहा, "दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद था। हमलावरों की पहचान कर ली गई है। हमारी टीमें बना दी गई हैं। हम जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे।" उन्होंने आगे कहा कि मुख्य आरोपी का आपराधिक बैकग्राउंड है। वह गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्ति के तौर पर जाना जाता है।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि जांच जारी रहने के साथ ही कई टीमें बनाई गई हैं। आरोपी की तलाश में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है। दरअसल, इस घटना ने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। हमले के पीछे चुनाव से जुड़ा विवाद होने की बात से इस मामले के राजनीतिक चर्चा का विषय बनने की भी संभावना है।