पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को लेकर हलचल मचा हुआ है। इसी बीच राज्य में ऐसा चर्चा है कि 28 फरवरी को जारी होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में मतुआ समुदाय के लोगों के नाम कट सकते हैं। दरअसल, यह मामला SIR प्रक्रिया और नागरिकता से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि जिन मतुआ लोगों के पास अभी भारतीय नागरिकता नहीं है, उनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं। नियम के मुताबिक, जब तक किसी के पास नागरिकता नहीं होती, उसे वोट देने का अधिकार भी नहीं मिलता।
