वर्क फ्रॉम होम, सोना मत खरीदो... क्या PM मोदी की इस अपील से आ रहे किसी बड़े खतरे का सेंस? कार्ति ने की संसद का सत्र बुलाने की मांग

PM Modi 7 Appeals: कांग्रेस ने पेट्रोलियम उत्पादों का विवेकपूर्ण उपयोग करने के प्रधानमंत्री मोदी की अपील को लेकर उन पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के तीन महीने बाद भी प्रधानमंत्री इस बात से अनजान हैं कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने संसद सत्र बुलाने की मांग की है

अपडेटेड May 11, 2026 पर 9:53 AM
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पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुए वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम को फिर से अपनाने की सलाह दी।

PM Modi 7 Appeals: कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने सोमवार (11 मई) को कहा कि सरकार को तुरंत संसद सत्र बुलाना चाहिए। ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को और अधिक मजबूत एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई 7 अपीलों के बारे में देश को जानकारी दी जा सके। इन अपीलों को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से आए "बहुत गंभीर निर्देश" बताते हुए कांग्रेस नेता ने X पर लिखा, "इन अपीलों की वजह क्या है? सरकार को तुरंत संसद सत्र बुलाना चाहिए, देश को भरोसे में लेना चाहिए और हमें मौजूदा हालात की असलियत के बारे में बताना चाहिए, जिनकी वजह से ये 'अपीलें' करना जरूरी हो गया है।"

उन्होंने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म X पर MyGov की एक पोस्ट पर संसद सत्र बुलाने की मांग की। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात अपीलों की लिस्ट दी गई थी। इनका मकसद "मुश्किल वैश्विक दौर में भारत को मजबूत बनाना" है। MyGov की इस पोस्ट का टाइटल था "राष्ट्र सबसे पहले, कर्तव्य सबसे ऊपर!" इसमें PM मोदी ने नागरिकों से अपील की थी कि जहां भी संभव हो, 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) को प्राथमिकता दें, पेट्रोल-डीजस की खपत कम करें, एक साल तक विदेश यात्रा से बचें, स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, खाना पकाने के तेल का इस्तेमाल कम करें, प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें और सोने की गैर-जरूरी खरीदारी से बचें।

इस पोस्ट में आगे कहा गया, "जिम्मेदारी की सामूहिक भावना भारत को और अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बना सकती है।" भारत की संसद में आमतौर पर हर साल तीन सत्रों का आयोजन होता है। इनमें जनवरी से मई तक बजट सत्र, जुलाई से अगस्त तक मॉनसून सत्र और नवंबर से दिसंबर तक शीतकालीन सत्र शामिल है। 2026 का बजट सत्र अप्रैल के आखिर में समाप्त हुआ था, जिसमें 16 से 18 अप्रैल, 2026 के बीच एक विशेष बैठक भी शामिल थी।


इस बैठक का मकसद कुछ अहम विधेयकों पर चर्चा करना था। कांग्रेस नेता की ताजा टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब ऐसी खबरें आ रही हैं कि तेहरान ने एक 14-सूत्रीय योजना तैयार की है, जिसका मकसद अमेरिका समर्थित "नौ-सूत्रीय शांति योजना" का मुकाबला करना है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी प्रस्ताव में तीन चरणों वाला एक रोडमैप पेश किया गया है। इस रोडमैप में एक 30-दिवसीय चरण भी शामिल है, जिसे अस्थायी संघर्ष-विराम को स्थायी रूप से शत्रुता समाप्त करने की स्थिति में बदलने के लिए डिजाइन किया गया है।

वहीं, कांग्रेस ने पेट्रोलियम उत्पादों का विवेकपूर्ण उपयोग करने के प्रधानमंत्री मोदी की अपील को लेकर रविवार को उन पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के तीन महीने बाद भी प्रधानमंत्री इस बात से अनजान हैं कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। विपक्षी दल ने कहा कि प्रधानमंत्री का इस वैश्विक संकट से देश की अर्थव्यवस्था को अप्रभावित रखने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने के बजाय लोगों को मुश्किल में डालना बेहद शर्मनाक, लापरवाह और सरासर अनैतिक है।

कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने X पर एक पोस्ट में कहा, "ईरान-अमेरिका युद्ध के तीन महीने बीत चुके हैं और प्रधानमंत्री मोदी भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर अब भी पूरी तरह से अनजान हैं।" वेणुगोपाल ने कहा, "यह बेहद शर्मनाक, लापरवाही और सरासर अनैतिकता है कि प्रधानमंत्री इस वैश्विक संकट से हमारी अर्थव्यवस्था को अप्रभावित रखने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने के बजाय आम नागरिक को असुविधा में धकेल रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "जब प्रधानमंत्री की एकमात्र प्राथमिकता चुनाव और छोटी मोटी राजनीति बन जाए, तो उसका परिणाम आसन्न आर्थिक तबाही के रूप में सामने आता है।" वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करनी चाहिए कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार हो और योजना की कमी के परिणामस्वरूप किसी भी नागरिक को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

उनकी यह टिप्पणी PM मोदी द्वारा इस बात पर जोर देने के बाद आई है कि केंद्र सरकार लोगों को युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने नागरिकों से चुनौतियों से पार पाने एवं देश की मदद करने के लिए उपाय करने की अपील की है।

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हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिकतम उपयोग, पार्सल भेजने के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग और घर से काम करने जैसे उपाय सुझाए।

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