YEIDA Master Plan: जेवर एयरपोर्ट से सीधे जुड़ेगा हाथरस का नया 10000 एकड़ का इंडस्ट्रियल हब, हींग से EV तक सबको बूस्ट, देखें पूरी डिटेल

YEIDA Master Plan: हाथरस पहले से ही 10 हजार से अधिक MSE इकाइयों का केंद्र है। नई परियोजना से यहां के स्थानीय उद्योगों को और मजबूती मिलेगी। 'एक जिला-एक उत्पाद (ODOP)' योजना के तहत हाथरस की प्रसिद्ध हींग और गुलाल बनाने वाले कारोबारियों को आधुनिक पैकेजिंग और निर्यात की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी

अपडेटेड Jun 29, 2026 पर 7:39 PM
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस को बड़ा औद्योगिक और रोजगार केंद्र बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस को बड़ा औद्योगिक और रोजगार केंद्र बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। योगी सरकार, हाथरस को इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के साथ हजारों रोजगार पैदा करने वाला डेस्टिनेशन बनाने की योजना पर काम कर रही है। यमुना एक्सप्रेसवे के फेज-2 विकास के तहत ‘महायोजना/मास्टर प्लान 2041’ के अंतर्गत ‘हाथरस अर्बन सेंटर’ को एक हाईटेक औद्योगिक और आवासीय सैटेलाइट टाउन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

बता दें कि, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की मास्टर प्लान 2041 योजना के तहत हाथरस में करीब 10 हजार एकड़ में एक आधुनिक ग्रीनफील्ड अर्बन सेंटर विकसित किया जाएगा। बता दें कि, यह परियोजना जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी होगी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उद्योगों व रोजगार को नई रफ्तार देगी।

50 से ज्यादा गांवों में विकसित होगी नई सिटी


बता दें कि, यह हाईटेक सिटी हाथरस और सासनी तहसील के 50 से अधिक गांवों में लगभग 4,000 हेक्टेयर (करीब 10 हजार एकड़) क्षेत्र में विकसित की जाएगी। यह अलीगढ़, मथुरा और आगरा के साथ विकसित किए जा रहे चार प्रमुख शहरी केंद्रों में से एक होगी। योजना का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए जीआईएस तकनीक की मदद ली जा रही है। इसके लिए आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूरे क्षेत्र का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हरियाली और खुले स्थानों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि पर्यावरण का संतुलन बना रहे।

उद्योग और रहने की सभी सुविधाएं होंगी

यह परियोजना एक आधुनिक औद्योगिक और आवासीय शहर के रूप में विकसित होगी। इसमें उद्योग, आवास, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और ग्रीन जोन के लिए अलग-अलग क्षेत्र बनाए जाएंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे और कई प्रमुख राजमार्गों से अच्छी कनेक्टिविटी होने के कारण यह इलाका उद्योग लगाने के लिए आकर्षक केंद्र बनेगा। इसे आगरा के सैटेलाइट टाउन के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जिससे आगरा पर बढ़ता औद्योगिक दबाव कम हो सके।

हींग, गुलाल और EV उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

बता दें कि, हाथरस पहले से ही 10 हजार से अधिक MSE इकाइयों का केंद्र है। नई परियोजना से यहां के स्थानीय उद्योगों को और मजबूती मिलेगी। 'एक जिला-एक उत्पाद (ODOP)' योजना के तहत हाथरस की प्रसिद्ध हींग और गुलाल बनाने वाले कारोबारियों को आधुनिक पैकेजिंग और निर्यात की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, होजरी, कांच के मोती, पीतल के आभूषण, मशीन टूल्स और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) के पुर्जों के लिए विशेष औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। आगे चलकर मेडिकल उपकरण, सर्जिकल डिवाइस और पावर ग्रिड मशीनरी जैसे आधुनिक उद्योगों को भी यहां लाने की योजना है।

डीपीआर और जमीन अधिग्रहण का काम शुरू

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परियोजना पूरी होने के बाद बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे और हाथरस पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो जाएगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस दौरे में 548 करोड़ रुपये से अधिक की 143 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को घरों की चाबियां भी सौंपीं।

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