यूपी में जिला पंचायतों से पास नक्शों की डेडलाइन 31 मार्च! इस नए फैसले के बाद इन 4 स्टेप में जानिए कैसे पास होंगे नक्शे

UP Cabinet Decision: बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अहम फैसला लिया है। इस फैसले के तहत 31 मार्च 2026 तक जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत किए गए भवन मानचित्र वैध माने जाएंगे, बशर्ते वे निर्धारित नियमों और उपविधियों के अनुरूप हों।

अपडेटेड Jun 04, 2026 पर 4:28 PM
योगी सरकार का बड़ा फैसला: 31 मार्च 2026 तक पंचायत से पास नक्शे होंगे वैध

UP Cabinet Decision: बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अहम फैसला लिया है। इस फैसले के तहत 31 मार्च 2026 तक जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत किए गए भवन मानचित्र वैध माने जाएंगे, बशर्ते वे निर्धारित नियमों और उपविधियों के अनुरूप हों। वहीं, राज्य सरकार के इस फैसले के बाद भवन स्वामियों को बड़ी राहत मिली है।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, राहत का लाभ लेने के लिए संबंधित भवन स्वामियों को विकास प्राधिकरण में अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा और साथ ही निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर किसी भवन का निर्माण नियमों के खिलाफ पाया जाता है, तो ऐसी स्थिति में भवन मालिक को अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा। सरकार का दावा है कि इस महत्वपूर्ण फैसले से प्रदेश के हजारों भवन स्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी।


वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने क्या बताया?

कैबिनेट बैठक के बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इस फैसले से जिला पंचायतों द्वारा पूर्व में स्वीकृत नक्शों की वैधता पर उठ रहे विवाद समाप्त हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इससे रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति मिलेगी और निर्माण गतिविधियों में तेजी आने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सरकार का उद्देश्य निर्माण कार्यों को कानूनी स्पष्टता प्रदान करना और निवेश को प्रोत्साहित करना है।

ग्राम्य क्षेत्र की परिभाषा हुई स्पष्ट

सरकार द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर ग्राम्य क्षेत्र की परिभाषा को भी अब स्पष्ट कर दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार, विकास प्राधिकरणों के अधिसूचित क्षेत्र, विनियमित क्षेत्र, विशेष क्षेत्र, औद्योगिक विकास क्षेत्र और आवास विकास परिषद के अधिसूचित क्षेत्र अब ग्राम्य क्षेत्र की श्रेणी में नहीं आएंगे।

इस बदलाव के बाद इन क्षेत्रों में जिला पंचायतों का अधिकार समाप्त हो जाएगा। अब यहां सभी निर्माण गतिविधियों की निगरानी और नियंत्रण पूरी तरह विकास प्राधिकरणों के हाथ में होगा।

नई मॉडल उपविधियां प्रस्तावित

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने जिला पंचायतों के लिए विकास प्राधिकरणों की भवन उपविधियों के अनुरूप नई मॉडल उपविधियां भी प्रस्तावित की हैं। इनका उद्देश्य पूरे प्रदेश में भवन निर्माण से जुड़े नियमों को अधिक पारदर्शी, एकरूप और व्यवस्थित बनाना है।

रियल एस्टेट को मिलेगा बढ़ावा

कैबिनेट के इस फैसले से जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत किए गए नक्शों की वैधता पर अब सवाल नहीं उठेंगे, साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर और निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार, विकास क्षेत्रों, विस्तारित विकास क्षेत्रों और विनियमित क्षेत्रों में, जहां अभी तक मास्टर प्लान को अंतिम रूप नहीं दिया गया है, भवन मानचित्रों की स्वीकृति के लिए एक स्पष्ट और मानकीकृत प्रक्रिया स्थापित की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि इन क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को नियमों के अनुसार स्वीकृति मिले और स्वीकृति प्रक्रिया से संबंधित अनिश्चितता दूर हो जाएगी।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मानक प्रक्रिया (एसओपी) को लागू करने से सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। साथ ही, इससे सुनियोजित और व्यवस्थित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और शहरी क्षेत्रों में निर्माण संबंधी गतिविधियों में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी।

नक्शा पास होने की प्रक्रिया

नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए FASTPAS (Fast and Simplified Trust-Based Plan Approval System) पोर्टल लॉन्च किया गया है। चलिए जानते हैं प्रोसेस:

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले संपत्ति के मालिक को संबंधित विकास प्राधिकरण की वेबसाइट map.up.gov.in में जाकर भवन का रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद बुनियादी जानकारी और नक्शे से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होंगे।

दस्तावेज जांच: प्राधिकरण द्वारा जमा किए गए नक्शे और दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

शुल्क जमा करना: जांच के बाद निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। विवरण जमा करने और शुल्क का भुगतान करने के बाद, सिस्टम तुरंत एक ऑटोमैटिक मानचित्र और प्रमाण पत्र तैयार कर देता है।

अंतिम वैधता प्रमाण पत्र: सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद विकास प्राधिकरण द्वारा नक्शे को वैध घोषित किया जाएगा और भवन को आधिकारिक मंजूरी मिल जाएगी।

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