सफल लोग अक्सर अपने लिए गए बड़े और अहम फैसलों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनकी तेज़ी से सोचने और काम करने की क्षमता को आकार देने वाली आदतें अक्सर अनकही रह जाती हैं। किताबें पढ़ना उनमें से ही एक है। किताबों का एक शांत प्रभाव होता है जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में घुल-मिल जाता है और मशहूर लोगों के जीने और काम करने के तरीके को आकार देता है।
एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने अपने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कुछ ऐसी किताबों के बारे में बताया है, जिन्होंने उनकी सोच को बेहतर बनाने, अच्छी आदतें डालने और अपने काम पर ज़्यादा साफ़-सुथरी सोच के साथ ध्यान केंद्रित करने में मदद की। उन्होंने अपने करियर में सफलता पाने और सफल इंसान बनने का श्रेय इन किताबों को दिया।
स्टीफन कोवे- '7 हैबिट्स ऑफ हाइली इफेक्टिव पीपल'
बेन होरोविट्ज- 'द हार्ड थिंग अबाउट हार्ड थिंग्स'
अंकुर ने इस किताब की तारीफ़ करते हुए कहा कि इसने उन्हें सिखाया कि स्टार्टअप्स हमेशा ग्लैमरस नहीं होते। यह किताब दबावों और अनिश्चितताओं से भरी तेज़ी से बदलती दुनिया में बिज़नेस बनाने की उन सच्चाइयों के बारे में पूरी ईमानदारी से बात करती है, जिन पर आम तौर पर कम चर्चा होती है। लेखक उन बातों को साझा करते हैं जो बिज़नेस स्कूल नहीं सिखाते—जैसे वफ़ादार दोस्तों को नौकरी से निकालना या छंटनी (layoffs) की स्थिति को संभालना। यह किताब नए एंटरप्रेन्योर्स के लिए निजी कहानियों और मार्गदर्शन के साथ स्पष्ट और व्यावहारिक जानकारी देती है।
डैनियल काहनेमैन- किताब 'थिंकिंग, फास्ट एंड स्लो'
अंकुर ने बताया कि इस किताब से उन्हें यह समझने में बहुत मदद मिली कि दिमाग कैसे काम करता है। यह किताब सोचने के दो अलग-अलग तरीकों के बारे में बताती है: एक जो भावनाओं और सहज समझ (instinct) पर आधारित है, और दूसरा जो ज़्यादा धीमा और सोच-समझकर किया जाने वाला तरीका है। इसमें बताया गया है कि कैसे पूर्वाग्रह और गलतियाँ हमारे फ़ैसलों पर असर डालते हैं—एक ऐसी बात जिसका ज़्यादातर लोगों को पता भी नहीं चलता।
जेम्स क्लियर- 'एटॉमिक हैबिट्स'
इस किताब ने अंकुर को यह समझने में मदद की कि छोटी-छोटी आदतें कैसे बड़े नतीजे दे सकती हैं। इसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि रोज़ाना किए गए छोटे-छोटे सुधार मिलकर ज़िंदगी बदलने वाले नतीजे देते हैं और लंबे समय की सफलता तय करते हैं। हालाँकि हम नतीजों के लिए लक्ष्य तय करते हैं, लेकिन यह किताब बताती है कि असल में सिस्टम ही नतीजों को आकार देते हैं। बड़े और मुश्किल लक्ष्यों पर ध्यान देने के बजाय, यह किताब आपको छोटे और आसानी से किए जा सकने वाले कामों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करती है।
चार्ली मुंगर- 'पुअर चार्लीज़ अल्मनैक'
इस किताब ने उन्हें 'मेंटल मॉडल' (सोचने के तरीके) सिखाए, जिनसे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि भावनाओं में बहने के बजाय कैसे सोचें और सोचने का एक व्यवस्थित तरीका कैसे अपनाएँ। यह किताब ओमाहा से लेकर आर्थिक सफलता तक लेखक के सफ़र को दिखाती है और अनुशासन, जीवन भर सीखते रहने और सही फ़ैसले लेने की अहमियत को उजागर करती है।