उबलती नहीं जमती है कॉफी! भारत में क्यों बढ़ हो रहा है जेन-जी के बीच आइस-कॉफी का दीवानापन

जेन-जी के बीच कॉफी का ट्रेंड अब सिर्फ हॉट कॉफी तक सीमित नहीं है। अपनी पसंद के फ्लेवर और टॉपिंग के साथ कस्टमाइज किए गए ठंडे ड्रिंक्स युवाओं को ज्यादा पसंद आ रहे हैं। इसी बदलाव के चलते कॉफी शॉप्स में आइस्ड और दूसरे क्रिएटिव ड्रिंक्स की डिमांड बढ़ रही है।

अपडेटेड Sep 02, 2026 पर 2:55 PM
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कॉफी पीने का तरीका अब धीरे-धीरे बदल रहा है। जेन-जी के लिए कॉफी सिर्फ सुबह की नींद भगाने या दोस्तों के साथ बैठकर पीने वाली चीज नहीं रह गई है। अब लोग अपने ड्रिंक में अपनी पसंद का स्वाद, टॉपिंग और अलग-अलग फ्लेवर जोड़ना पसंद करते हैं। साथ ही, ऐसा ड्रिंक भी पसंद किया जा रहा है जो देखने में अच्छा लगे और सोशल मीडिया पर फोटो या वीडियो के लिए भी परफेक्ट हो।

इस बदलते ट्रेंड का असर कॉफी शॉप्स के मेन्यू पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले जहां गर्म कॉफी सबसे ज्यादा पसंद की जाती थी, वहीं अब आइस्ड और दूसरे ठंडे ड्रिंक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। कस्टमर अपनी पसंद के हिसाब से ड्रिंक को कस्टमाइज कर रहे हैं और नए-नए कॉम्बिनेशन आजमा रहे हैं। कॉफी का कप अब सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि पर्सनल स्टाइल और पसंद दिखाने का तरीका भी बनता जा रहा है।

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जेन-जी का पसंद बना कस्टमाइजेशन

जेन-जी अपनी पसंद के हिसाब से ड्रिंक को बदलना पसंद करती है। वे मूड, मौसम और मौके के अनुसार फ्लेवर, सिरप, फोम, टॉपिंग और दूसरी चीजें जोड़ना चाहते हैं। इससे उन्हें लगता है कि ड्रिंक उनकी अपनी पसंद के हिसाब से तैयार हुआ है। यही वजह है कि सिर्फ एक तय स्वाद वाली कॉफी के बजाय कस्टमाइज किए जा सकने वाले कोल्ड ड्रिंक्स युवाओं के बीच ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं।

स्पेशल ड्रिंक के लिए ज्यादा खर्च

जेन-जी कीमत को लेकर जागरूक जरूर है, लेकिन कोई ड्रिंक उन्हें स्पेशल, टेस्टी या हेल्थ से जुड़ा फायदा देने वाला लगता है, तो वे उसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने को तैयार रहते हैं। ड्रिंक अब सिर्फ प्यास बुझाने के लिए नहीं, बल्कि उसका टेस्ट, पैकेजिंग, लुक और ब्रांड भी खरीदारी के डिसीजन को प्रभावित करता है। इसी वजह से कोल्ड ड्रिंक्स को कई युवा छोटी-सी ‘अफोर्डेबल लग्जरी’ की तरह भी देखते हैं।

कोल्ड ड्रिंक बनी पहचान

आज जेन-जी के लिए ड्रिंक का टेस्ट जितना मायने रखता है, उसका लुक भी उतना ही जरूरी हो गया है। रंग-बिरंगे कप, अलग-अलग फ्लेवर और अट्रैक्टिव टॉपिंग वाला ड्रिंक सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए भी अच्छा लगता है। IHL ग्रुप के एनालिस्ट जेरी शेल्डन के मुताबिक, कोल्ड ड्रिंक अब सेल्फ-एक्सप्रेशन का एक तरीका बन रही है। ब्रिटेन के आंकड़ों में भी यह ट्रेंड साफ दिखता है। 25 साल से कम उम्र के लोगों की घर से बाहर खरीदी जाने वाली ड्रिंक्स में 60% ठंडी होती हैं, जबकि 55 साल से ज्यादा उम्र वालों में यह आंकड़ा करीब 30% है।

युवाओं की पसंद को देखते हुए स्टारबक्स से लेकर डंकिन और मैकडॉनल्ड्स जैसी कंपनियां अपने मेन्यू में नए-नए कोल्ड ऑप्शन जोड़ रही हैं। स्टारबक्स का रंग-बिरंगा यूनिकॉर्न फ्रैपुचीनो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा था। वहीं डंकिन प्रोटीन और कस्टमाइज्ड कोल्ड ड्रिंक्स पर फोकस कर रही है, जबकि दूसरी कंपनियां फ्रूट-बेस्ड और बिना कैफीन वाले ठंडे ऑप्शन बढ़ा रही हैं। भारत में भी आइस्ड लाटे, कोल्ड ब्रू और रेडी-टू-ड्रिंक कॉफी की मांग बढ़ रही है। इसी को देखते हुए कंपनियां वनीला, चॉकलेट, बनाना, ऑरेंज और कोकोनट जैसे नए फ्लेवर और कोल्ड फोम वाले ऑप्शन भी पेश कर रही हैं।

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