आपकी डेली की आदतें बता सकती हैं कि आप उम्र बढ़ने के साथ कितने फिट (fit) और स्वस्थ (fit) रहेंगे। एक एक्सपीरिएंस्ड फिटनेस कोच का कहना है कि शरीर कुछ ऐसे साइन देता है, जो आपकी ओवरऑल हेल्थ और लंबी उम्र के चांस के बारे में इशारा कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे आसान संकेत, जिन पर ध्यान देकर आप अपनी फिटनेस (fitness) को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं:
दिल (heart) क्या कह रहा है?
रेस्टिंग हार्ट रेट (RHR) आपके दिल की एफिसिएंसी का एक जरुरी इंडिकेटर माना जाता है। यदि आराम की पोजीशन में आपकी हार्ट रेट कम रहती है, तो इसे बेहतर कार्डियोवैस्कुलर (cardiovascular) फिटनेस का साइन माना जाता है। वहीं ज्यादा हार्ट रेट होने पर एरोबिक एक्सरसाइज (aerobic exercise) पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
फिजिकल (physical) कैपेबिलिटी का आसान टेस्ट
बिना किसी सहारे के जमीन पर बैठकर दोबारा उठ पाना शरीर की ताकत, बैलेंस और मोबिलिटी को दिखाता है। उम्र बढ़ने के साथ यह एबिलिटी बनाए रखना डेली की एक्टिविटीज और गिरने के रिस्क को कम करने के लिए जरुरी माना जाता है।
आपकी चाल भी बताती है बहुत कुछ
चलने की स्पीड भी ओवरऑल हेल्थ (overall health) का एक इंडिकेटर मानी जाती है। तेज और बैलेंस चाल बेहतर कार्डियोवैस्कुलर (cardiovascular) फिटनेस और एक्टिव लाइफस्टाइल से जुड़ी हो सकती है, जबकि बहुत धीमी चाल फिटनेस में सुधार की जरूरत का सिग्नल दे सकती है।
ताकत का एक और पैमाना (measure)
ग्रिप स्ट्रेंथ (Grip strength) यानी पकड़ की ताकत मसल्स और बॉन की मजबूती का इंडिकेटर मानी जाती है। बार पर कुछ समय तक लटक पाने जैसी एक्टिविटीज शरीर की कैपेसिटी और मस्कुलोस्केलेटल (measure) फिटनेस को चेक करने में मदद कर सकती हैं।
सहनशक्ति (endurance) भी करें चेक
आप अपनी उम्र और फिटनेस के हिसाब से अच्छी स्पीड से एक सेट की डिस्टेंस में दौड़ या तेज चल सकते हैं, तो इसे हेल्दी हार्ट और लंग कैपेसिटी का साइन माना जाता है। रेगुलर कार्डियो एक्सरसाइज (cardio exercise) इस कैपेसिटी को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।
ध्यान दें: ये संकेत सिर्फ जनरल फिटनेस और ओवरऑल हेल्थ का अंदाजा लगाने के तरीके हैं। यदि आपको अपने हेल्थ को लेकर चिंता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना ठीक रहेगा।