Chemical VS Organic Mehndi: तीज से अब लगातार त्योहारों की शुरुआत हो जाएगी। तीज, रक्षाबंधन, नवरात्र, करवाचौथ, दिवाली और फिर शादी सीजन। इन सभी त्योहारों में कुछ बातें एक जैसी ही होती है। त्योहार की खुशी और हाथों पर रची मेहंदी अपनी खुशियों और खूबसूरती में चार चांद लगा देती है।
मेहंदी के बिना लगभग हर तीज-त्योहार आधा-आधा लगता है। लेकिन इन दिनों मेहंदी के डार्क रंग चढ़ने के चक्कर में केमिकल का खूब यूज किया जा रहा है, जो आपकी स्किन के लिए काफी बुरा होता है। अक्सर त्योहार आते ही बाजार में मिलावट शुरू हो जाती है। ऐसे में केमिकल वाली मेहंदी खूब बिकती है। इसलिए मेहंदी लगाने से पहले असली और नकली में पहचान जरूर करें। तो चलिए बताते हैं कि घर पर कैसे करें असली और नकली मेहंदी की पहचान।
असली मेहंदी का रंग जल्दी नहीं होता डार्क
ऑरगेनिक मेहंदी का रंग तुरंत गाढ़ा नहीं होता है। अगर मेहंदी लगाने पर रंग तुरंत चढ़ जाता है, तो समझ जाए कि यह वह केमिकल वाली मेहंदी नहीं है। असली मेहंदी लगाने के बाद इसका रंग धीरे-धीरे डार्क होता है। शुरू में यह नारंगी रंग देती है और फिर बाद में करीब 8-10 घंटे में इसका रंग गहरा होने लगता है।
असली मेहंदी की खुशबू भी काफी हटके होती है। ऑरगेनिक मेहंदी को पत्तियां पीस कर तैयार किया जाता है। ऐसे में इसकी पहचान आसानी से की जा सकती है। मेहंदी पाउडर में लैवेंडर या नीलगिरी ऑयल जैसे एसेंशियल ऑयल, पानी, तेल और चीनी को मिलाया जाता है। इन सभी की खुशबू से आप असली हिना को पहचान सकते हैं।
ज्यादतर लोगों को लगता है कि मेहंदी पाउडर का पेस्ट बनाने पर इसका रंग काला पड़ जाता है। हालांकि ऐसा नहीं होता है। असली मेहंदी का रंग हरा होता है। अगर आप मेहंदी में पानी मिलाते हैं और इसके बाद भी मेहंदी का रंग हरा रहता है, तो यह ऑरगेनिक है। साथ ही अगर बालों या हाथों में लगाते समय यह ऑलिव ग्रीन दिख रही है, तो असली है।
बिना फ्रिज खराब हो जाती है असली मेहंदी
अगर आपकी मेहंदी या मेहंदी का कोन बिना फ्रिज में रखे खराब नहीं हो रहा है, तो आप नकली मेहंदी का यूज कर रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि असली मेहंदी को फ्रेश बनाए रखने के लिए फ्रिज या ठंडी जगह रखना जरूरी होता है। ज्यादा देर तक नॉर्मल टेंपरेचर पर रखने से ऑरगेनिक मेहंदी खराब हो जाती है।