मार्केट में सेब खरीदते वक्त हम आमतौर पर उसके रंग और चमक को देखकर ही उसे ताज़ा मान लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही चमक कई बार धोखा भी हो सकती है? असली सेब की पहचान करना आज के समय में आसान नहीं रह गया है, क्योंकि कई दुकानदार फलों को अधिक फ्रेश और लाल दिखाने के लिए उन पर मोम या केमिकल कोटिंग कर देते हैं। ये नकली चमकदार सेब दिखने में आकर्षक जरूर लगते हैं, लेकिन इनका सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
असली सेब में नेचुरल चमक होती है और उसकी सतह थोड़ी खुरदरी या मैटी हो सकती है, जबकि नकली सेब जरूरत से ज्यादा चिकने और चमकीले लगते हैं। ऐसे में जरूरी है कि खरीदारी करते समय सिर्फ रंग-रूप पर न जाएं, बल्कि कुछ आसान तरीकों से असली और नकली सेब की पहचान करना सीखें।
सूंघकर करें असली-नकली की पहचान
सेब को खरीदने से पहले एक बार सूंघकर देख लें। असली सेब से हल्की मीठी और ताजी खुशबू आती है, जबकि नकली सेब से केमिकल जैसी गंध महसूस हो सकती है।
काटने पर दिखेगा असली चेहरा
अगर आप सेब को काटते हैं और उसके छिलके से रंग उतरने लगे या मोम जैसा कुछ चाकू या कपड़े पर आ जाए, तो समझ जाइए वो सेब नकली है। असली सेब का रंग काटने या रगड़ने से नहीं निकलता।
पानी में डालकर करें टेस्ट
एक आसान तरीका है पानी में डालकर जांचना। असली सेब वजन में भारी होता है और पानी में डूब जाता है। जबकि नकली सेब अक्सर तैरता है, क्योंकि उस पर केमिकल या वैक्स की परत चढ़ी होती है।
सिर्फ स्टीकर देखकर न खरीदें
हर चमकती चीज असली नहीं होती। सेब पर लगा स्टीकर उसकी गारंटी नहीं है। कई बार दुकानदार खुद ही नकली सेब पर स्टीकर लगा देते हैं ताकि वो असली लगे। इसलिए सिर्फ स्टीकर देखकर सेब खरीदने की गलती न करें।