लेकिन कई बार पौधा अच्छी तरह बढ़ने के बाद भी उसमें नींबू नहीं लगते या फूल आने के बाद गिर जाते हैं। इसकी वजह पौधे को सही देखभाल न मिलना हो सकती है। इस पौधा की रोज देखभाल करने से पौधे की अच्छी ग्रोथ में मदद मिल सकती है।
लेकिन कई बार पौधा अच्छी तरह बढ़ने के बाद भी उसमें नींबू नहीं लगते या फूल आने के बाद गिर जाते हैं। इसकी वजह पौधे को सही देखभाल न मिलना हो सकती है। इस पौधा की रोज देखभाल करने से पौधे की अच्छी ग्रोथ में मदद मिल सकती है।

नींबू का पौधा हमेशा नर्सरी से लेना सही रहता है। कोशिश करें कि पौधा कम से कम 6 महीने पुराना और हेल्दी हो। पौधे में लंबे समय तक फल लगने के लिए बारहमासी किस्म का पौधा चुन सकते हैं। कागजी नींबू की किस्म भी घर में लगाने के लिए एक ऑप्शन हो सकती है। पौधे के लिए कम से कम 18 इंच का गमला लें और उसमें पानी बाहर निकलने के लिए ड्रेनेज होल जरूर रखें। मिट्टी साफ और भुरभुरी होनी चाहिए। इसमें वर्मी कंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद मिलाई जा सकती है।
नींबू के पौधे में ज्यादा और अच्छी ग्रोथ चाहते हैं, तो समय-समय पर उसकी कटाई-छंटाई यानी प्रूनिंग करें। सूखी, कमजोर और खराब टहनियों को काटकर हटा दें। पुरानी टहनियों की सही कटाई से नई शाखाएं निकलने में मदद मिल सकती है और पौधा ज्यादा घना हो सकता है। मार्च से सितंबर के बीच पौधे की ग्रोथ ज्यादा होती है, इसलिए इस समय खाद की जरूरत पर ध्यान दें।
किचन की चीजों से बनी घरेलू खाद
नींबू के पौधे के लिए घर में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजों का उपयोग भी किया जा सकता है। केले और आलू के छिलकों को अच्छी तरह सुखाकर उनका पाउडर बना लें और महीने में एक बार उचित मात्रा में पानी के साथ पौधे की मिट्टी में डाल सकते हैं। फूल और फल आने के समय सरसों की खली का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खाद न दें, जरूरत के हिसाब से ही इस्तेमाल करें।
नींबू के पौधे पर कई बार कीड़े लग सकते हैं। ऐसे में नीम ऑयल का इस्तेमाल किया जा सकता है। बारिश के मौसम में पौधे की टहनियां पानी और हवा के कारण झुक सकती हैं, इसलिए जरूरत पड़ने पर उन्हें बांस की पतली लकड़ी या किसी सहारे से बांध दें। अगस्त के आसपास जरूरत के हिसाब से टहनियों की हल्की प्रूनिंग भी की जा सकती है। इस तरह रेगुलर देखभाल से नींबू का पौधा हेल्दी रहेगा और फल लगते रहेंगे।
नींबू के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए धूप चाहिए। इसे ऐसी जगह रखें जहां रोज करीब 6 से 8 घंटे धूप मिल सके। पानी देते समय खास सावधानी रखें, क्योंकि नींबू के पौधे को बहुत ज्यादा पानी पसंद नहीं होता। मिट्टी ऊपर से सूखी लगे तभी जरूरत के हिसाब से पानी दें। गमले में पानी जमा रहने से जड़ों को नुकसान हो सकता है। बारिश के मौसम में ध्यान रखें कि गमले में पानी रुका न रहे।
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