बरसात का मौसम में ताजगी लेकर आता है, लेकिन इस समय सब्जियों और फलों पर गंदगी, कीटाणु और केमिकल्स भी ज्यादा छिपकने लगते हैं। इन्हें सही तरीके से साफ न किया जाए, तो पेट के इंफेक्शन, फूड प्वॉइजनिंग और दूसरी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। अक्सर लोग सब्जी और फल धोते समय कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जिनका असर सीधा सेहत पर पड़ता है। इसलिए फल और सब्जियां धोते समय कुछ जरूरी बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
फल और सब्जियां धोते समय न करें ये गलतियां
1. पानी से जल्दी-जल्दी धोना
कई लोग फल और सब्जियों को नल के नीचे रखकर कुछ सेकंड में धो लेते हैं। लेकिन बरसात के मौसम में इन पर लगी मिट्टी और गंदगी को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। इन्हें साफ बहते पानी में अच्छी तरह रगड़कर धोएं, ताकि ऊपर लगी गंदगी और कीटाणु हट सकें।
फल और सब्जियों को साफ करने के लिए कुछ लोग नमक या सिरके का इस्तेमाल करते हैं। अच्छी तरह साफ बहते पानी से धोना सबसे जरूरी कदम है। नमक या सिरका इस्तेमाल करें तो भी बाद में इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए।
3. बिना सुखाए तुरंत स्टोर करना
धोने के बाद फल और सब्जियों को बिना सुखाए सीधे फ्रिज में रख देना सही नहीं है। ज्यादा नमी रहने पर कुछ चीजों पर फंगस जल्दी लग सकती है और वे जल्दी खराब हो सकती हैं। इसलिए धोने के बाद इन्हें साफ कपड़े या पेपर टॉवल से हल्का सुखाकर ही रखें।
4. काटने के बाद फल या सब्जी धोना
फल या सब्जी को पहले काटकर फिर धोने से बचना चाहिए। काटने के बाद पानी के कांटेक्ट में आने से इनका टेस्ट और कुछ न्यूट्रिएंट कंटेंट एफेक्ट हो सकते हैं। साथ ही बाहर की गंदगी अंदर के हिस्से तक पहुंच सकती है। इसलिए पहले अच्छी तरह धोएं और उसके बाद ही काटें।
5. साबुन या डिटर्जेंट से सफाई
फल और सब्जियों को साफ करने के लिए साबुन, डिशवॉश या डिटर्जेंट का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इनके केमिकल लगने से खाने के साथ शरीर में जा सकते हैं। इसलिए इन्हें साफ करने के लिए साफ पानी का ही इस्तेमाल करें।
फल और सब्जियों को साफ करते समय कहीं सड़न, चोट या फंगस दिखाई दे तो उस हिस्से को हटा दें और बहुत ज्यादा खराब चीज को खाने से बचें। इसके साथ ही फल और सब्जियों को काटने के लिए इस्तेमाल होने वाले चाकू, कटिंग बोर्ड और किचन की जगह को भी अच्छी तरह साफ रखें। बरसात के मौसम में थोड़ी सी सावधानी और साफ-सफाई की आदत आपको खाने से जुड़ी कई परेशानियों से बचाने में मदद कर सकती है।