ओवरफीडिंग के इन इशारों को न करें नजरअंदाज, बच्चा खुद बताता है पेट भरने की बात!

नए पेरेंट्स के लिए बच्चे को खाना खिलाना कई बार थोड़ा मुश्किल हो सकता है। उन्हें समझ नहीं आता कि बच्चे का पेट भर गया है या उसे अभी और खाना चाहिए। कभी बच्चा खाना पूरा नहीं करता, तो कभी थोड़ी देर बाद फिर से खाने की इच्छा दिखाता है। ऐसे में सिर्फ प्लेट में बचा खाना या खाने की मात्रा देखने के बजाय बच्चे के भूख और पेट भरने के संकेतों को समझना ज्यादा जरूरी है।

अपडेटेड Aug 27, 2026 पर 4:15 PM
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बच्चे को खाना खिलाना नए पेरेंट्स के लिए थोड़ा कन्फ्यूजिंग हो सकता है। कई बार समझ नहीं आता कि बच्चे ने ठीक से खा लिया है या उसे अभी और खाना चाहिए। बच्चा खाना छोड़ दे या थोड़ी देर बाद फिर कुछ खाने की इच्छा जताए, तो माता-पिता के मन में कई सवाल आने लगते हैं। ऐसे में सिर्फ प्लेट में बचा खाना या तय मात्रा देखकर फैसला करना जरूरी नहीं है। बच्चे अपने हाव-भाव और व्यवहार से भी बताते हैं कि उन्हें भूख लगी है या पेट भर गया है। इसलिए इन संकेतों को समझकर बच्चे की जरूरत के हिसाब से खाना खिलाना ज्यादा आसान हो सकता है।

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1. बच्चे की बॉडी लैंग्वेज

बच्चे बोलकर नहीं बता सकते कि उनका पेट भर गया है, लेकिन वे अपने हाव-भाव से यह जरूर जताते हैं। बच्चा खाना खाते समय मुंह फेरने लगे, मुंह बंद कर ले, खाने में दिलचस्पी कम कर दे या खाना दूर करने लगे, तो यह पेट भरने का संकेत हो सकता है। कई बार बच्चा हाथ-पैर ढीले कर देता है, ध्यान दूसरी तरफ करने लगता है या खाने से खुद दूरी बनाने लगता है। ऐसे छोटे-छोटे संकेतों को समझकर पेरेंट्स बच्चे को जरूरत से ज्यादा खिलाने से बच सकते हैं।

2. जरूरी नहीं प्लेट खत्म हो

बच्चे को खाना खिलाते समय यह जरूरी नहीं है कि वह प्लेट में रखा पूरा खाना खत्म करे। कई बार पेरेंट्स खाना बच जाने पर बच्चे को थोड़ा और खाने के लिए कहते रहते हैं, लेकिन बच्चा खाने में दिलचस्पी न दिखाए, तो हो सकता है कि उसका पेट भर गया हो। बच्चे को आराम से और बिना जल्दबाजी के खाना खिलाएं, ताकि वह अपनी भूख के हिसाब से खा सके और खुद बता सके कि उसे अब और खाना चाहिए या नहीं।

3. रोने का मतलब नहीं होता है भूख

बच्चे के खाने की आदतों में हर दिन थोड़ा बदलाव आ सकता है। कभी बच्चा कम खाना खाता है, तो कभी अपनी पसंद की चीज देखकर ज्यादा खाने की इच्छा दिखा सकता है। इसलिए हर बार प्लेट पूरी खत्म न करने को यह मानना जरूरी नहीं कि बच्चे ने ठीक से खाना नहीं खाया। कई बार बच्चा भूख न लगने पर खाना छोड़ देता है या पेट भरने के बाद खुद खाने से दूरी बनाने लगता है। ऐसे में पेरेंट्स को बच्चे के भूख और पेट भरने के संकेतों पर ध्यान देना चाहिए और उसे जबरदस्ती खिलाने से बचना चाहिए।

4. जबरदस्ती खिलाने से बचे

छोटे बच्चों में खाना खाने के बाद थोड़ा खाना मुंह से बाहर आ जाना या उल्टी जैसा होना कभी-कभी नॉर्मल हो सकता है। सिर्फ इस एक बात से यह नहीं माना जा सकता कि बच्चे ने जरूरत से ज्यादा खाना खा लिया है। लेकिन बच्चा बार-बार या तेज उल्टी करे, खाना खाने से मना करे, बहुत ज्यादा सुस्त लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

5. फीड नंबर नहीं, बच्चे की जरूरत देखे

नए पेरेंट्स के लिए जरूरी है कि बच्चे के खाने को सिर्फ तय मात्रा या समय के हिसाब से न देखें। बच्चा खुद अपने हाव-भाव से बताता है कि उसे अभी भूख है या उसका पेट भर चुका है। यदि बच्चा मुंह बंद कर ले, खाना दूर करने लगे या खाने में दिलचस्पी न दिखाए, तो हो सकता है कि उसका पेट भर गया हो। इस तरह बच्चे की जरूरत समझकर खाना खिलाना आसान हो सकता है।

आप भी बच्चे को दूध पिलाने को लेकर अक्सर कन्फ्यूज रहते हैं, तो सिर्फ तय मात्रा पर ध्यान देने के बजाय बच्चे के संकेतों को समझने की कोशिश करें। बच्चे को जरूरत के हिसाब से फीड कराने से बच्चे की देखभाल आसान हो सकती है। फीडिंग, उल्टी, गीले डायपर या बच्चे के वजन को लेकर कोई चिंता हो, तो पीडियाट्रिशियन से सलाह जरूर लें।

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