यदि आप तेज दौड़ना, जिम में भारी वर्कआउट या मुश्किल एक्सरसाइज नहीं कर पाते है, तो एक खास वॉकिंग आसान ऑप्शन हो सकती है। इसमें बहुत तेज कदम बढ़ाने या शरीर पर ज्यादा दबाव डालने की जरूरत नहीं होती। धीरे-धीरे चलने के साथ शरीर के बैलेंस, सांस और हर कदम पर ध्यान दिया जाता है।
इस वॉकिंग को शुरुआती लोगों और बुजुर्गों के लिए आसान माना जाता है। इसे करने के लिए किसी खास मशीन या जिम की जरूरत नहीं होती और इसे घर, पार्क या खुले स्थान पर अपनी सुविधा के हिसाब से किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति रोजाना की जिंदगी में हल्की फिजिकल एक्टिविटी करना चाहता है, तो यह वॉकिंग उसके लिए एक इजी और कम दबाव वाला तरीका हो सकती है।
दौड़ने और कूदने जैसी एक्सरसाइज की तुलना में इसमें शरीर और जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है, इसलिए इसे हल्की एक्सरसाइज जैसे किया जा सकता है।
2. बैलेंस और बॉडी कंट्रोल बेहतर
धीरे-धीरे वजन एक पैर से दूसरे पैर पर डालने और सोच-समझकर कदम बढ़ाने से बैलेंस, पोस्चर और शरीर पर कंट्रोल बेहतर होता है।
3. कैलोरी बर्न और वेट मैनेजमेंट
ताई ची वॉकिंग के दौरान शरीर लगातार मूव करता है, जिससे कैलोरी खर्च होती है। इसे रेगुलर करने और बैलेंस्ड डाइट रखने से वेट मैनेज करने में मदद मिल सकती है।
ताई ची वॉकिंग में सिर्फ शरीर को चलाना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि हर मूवमेंट पर ध्यान देना होता है। सांस, कदम, पोस्चर और शरीर के बैलेंस पर फोकस करने से यह एक तरह की माइंड-बॉडी एक्सरसाइज बन जाती है। रेगुलर प्रेक्टिस से बैलेंस, लचीलापन और चलने-फिरने की कैपेसिटी को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, शांत तरीके से एक्सरसाइज करने से स्ट्रेस कम करने और बेहतर नींद में भी मदद मिल सकती है।
ताई ची वॉकिंग खासकर शुरुआती लोगों, बुजुर्गों और कम असर वाली एक्सरसाइज पसंद करने वालों के लिए एक ऑप्शन हो सकती है। लेकिन वजन घटाने के लिए इसे कभी-कभार करने के बजाय रेगुलर करना जरूरी है। इसके साथ बैलेंस्ड डाइट, प्रोटीन और रोजाना की दूसरी फिजिकल एक्टिविटी पर भी ध्यान देना चाहिए। शुरुआत हमेशा आसान मूवमेंट से करें और अपनी कैपेसिटी के हिसाब से धीरे-धीरे आगे बढ़ें।
ताई ची वॉकिंग धीमी और आसान एक्सरसाइज जरूर है, लेकिन इसे रेगुलर करने पर शरीर को एक्टिव रखने, बैलेंस सुधारने और वजन मैनेज करने में मदद मिल सकती है। लेकिन ताई ची वॉकिंग शुरू करने से पहले अपनी उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखें। किसी बीमारी, चोट या जोड़ों से जुड़ी समस्या होने पर एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह लें।