क्या आपका बच्चा पढ़ने बैठता है लेकिन ध्यान भटक जाता है? रोज की ये 5 आदतें तेज याददाश्त और फोकस बेहतर करने में करेंगी मदद
आज की आधुनिक दुनिया में बच्चों के पास ऐसी कई चीज़ें हैं, जो उन्हें पढ़ाई से भटका सकती हैं। जैसे टेलीविजन, फ़ोन, सोशल मीडिया वगैरह। एक माता-पिता के तौर पर आप इस तरह उनकी मदद कर सकते हैं।
ध्यान और याददाश्त को बेहतर बनाने के उपाय खोजने से पहले, ध्यान (फ़ोकस) और एकाग्रता (कॉन्सेंट्रेशन) के बीच के अंतर को समझना जरूरी है।
जैसे ही नया शैक्षणिक वर्ष शुरू होता है, कई माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे ध्यान भटकाने वाली चीज़ों को छोड़कर अपने स्कूल के काम पर बेहतर ढंग से ध्यान दें। हालांकि, आज की आधुनिक दुनिया में, स्मार्ट टेलीविजन, फ़ोन, सोशल मीडिया और किसी विषय को पूरी तरह से न समझ पाना पढ़ाई के दौरान रुकावटें पैदा कर सकता है।
ध्यान और याददाश्त को बेहतर बनाने के उपाय खोजने से पहले, ध्यान (फ़ोकस) और एकाग्रता (कॉन्सेंट्रेशन) के बीच के अंतर को समझना ज़रूरी है। फ़ोकस का मतलब है किसी गतिविधि या विचार पर ध्यान देना, जबकि एकाग्रता का मतलब है किसी चीज़ पर लगातार ध्यान बनाए रखने की क्षमता। फ़ोकस और एकाग्रता दोनों ही ज़रूरी कौशल हैं जिनकी बच्चों को सीखने, लक्ष्य हासिल करने, अपनी भावनाओं को संभालने और रचनात्मक रूप से सोचने में सफलता के लिए आवश्यकता होती है। बच्चों को कामों पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होने के कई कारण हैं।
ध्यान और एकाग्रता कौशल में सुधार एक क्रमिक प्रक्रिया है जिसके लिए धैर्य, निरंतरता और निश्चित रूप से माता-पिता, शिक्षकों और साथियों से उचित सहयोग की आवश्यकता होती है। आज की दुनिया में, जो ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से भरी है, ऐसे कौशल विकसित करना एक रोज़मर्रा की दिनचर्या बन सकती है जो बच्चों को पढ़ाई में सफल होने और अधिक आत्मविश्वासी और मज़बूत व्यक्ति बनने में मदद करती है। हमने संस्कृति ग्रुप ऑफ़ स्कूल्स के शिक्षक और ट्रस्टी प्रणीत मुंगाली से बात की, जिन्होंने 5 ऐसी आदतें बताईं जिनका अभ्यास स्कूली बच्चे कर सकते हैं और जो याददाश्त और फ़ोकस को बेहतर बनाने में सार्थक बदलाव ला सकती हैं:
1. शारीरिक व्यायाम को बढ़ावा देना
शारीरिक व्यायाम मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने के साथ-साथ एकाग्रता और समन्वय कौशल को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
a. योग और गहरी सांस लेने को बढ़ावा दें। योग मुद्राएं जैसे 'ट्री पोज़' (वृक्षासन) और 'वॉरियर पोज़' (वीरभद्रासन) शरीर में समन्वय बनाने और खुद पर नियंत्रण विकसित करने में मदद करती हैं। गहरी सांस लेने से बच्चे शांत और फिर से ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होंगे।
b. क्रॉस-लेटरल मूवमेंट (शरीर के दोनों हिस्सों का इस्तेमाल करने वाली गतिविधियां) शुरू करें। ऐसी गतिविधियां जैसे अपने दाहिने कोहनी को अपने बाएं घुटने से छूना, मस्तिष्क के दोनों हिस्सों का उपयोग करने में मदद करती हैं।
2. ऐसी गतिविधियां करें जो आपके मस्तिष्क को सक्रिय करें
मज़ेदार ब्रेन गेम्स ध्यान देने, याद रखने और तार्किक रूप से सोचने की आपकी क्षमता को विकसित करते हैं।
a. अंतर पहचानें या छिपी हुई वस्तु खोजें। यह अवलोकन कौशल, दृश्य स्मृति और लंबे समय तक ध्यान बनाए रखने की क्षमता विकसित करने के लिए किया जाता है।
b. पैटर्न की नकल करें और उन्हें आगे बढ़ाएं। रंगीन मोतियों, ब्लॉकों या किसी अन्य आकार का उपयोग करके पैटर्न बनाना और उन्हें आगे बढ़ाना अनुक्रमण कौशल, तार्किक सोच और फ़ोकस विकसित करता है।
c. स्टोरी चेन एक्टिविटी- हर बच्चे को कहानी में एक वाक्य जोड़ना होता है, जिसमें उन्हें यह याद रखना होता है कि पहले क्या कहा गया था। इससे सुनने की क्षमता, मौखिक याददाश्त और रचनात्मकता को विकसित करने में मदद मिलती है।
3. बड़े कामों को छोटे हिस्सों में बांटें
कभी-कभी बच्चे काम से ध्यान हटा लेते हैं क्योंकि उन्हें वे काम बहुत मुश्किल लगते हैं। किसी नए या मुश्किल काम को कई आसान स्टेप्स में बांटने से उसे समझना, करना और याद रखना आसान हो जाता है।
4. पोमोडोरो तकनीक
पोमोडोरो तकनीक में कुछ समय (20-25 मिनट) तक किसी काम पर ध्यान देने और फिर थोड़ा ब्रेक (5 मिनट) लेने का सुझाव दिया जाता है। इस तकनीक से दिमाग की थकान कम होती है, प्रोडक्टिविटी बढ़ती है और ध्यान लगाने की क्षमता बेहतर होती है।
5. पढ़ाई के लिए ऐसी जगह बनाएं जहां ध्यान न भटके
बच्चों को पढ़ाई के लिए शांत और व्यवस्थित जगह देना बहुत ज़रूरी है। साथ ही, यह पक्का करें कि होमवर्क करते समय गैजेट्स जैसी चीज़ें उनका ध्यान न भटकाएं। आखिरी टिप लाइफ़स्टाइल के बारे में है। सही खान-पान, भरपूर पानी और अच्छी नींद से दिमाग बेहतर काम करता है, और ध्यान लगाने व याद रखने की क्षमता में सुधार होता है।