सुबह उठते ही कई लोगों के सामने कामों की लंबी लिस्ट होती है। अलार्म बंद करने के बाद फोन पर ईमेल और मैसेज देखने लगते हैं, वहीं दूसरी तरफ पिछले दिन के अधूरे काम भी याद आने लगते हैं। ऐसे में दिन शुरू होने से पहले ही स्ट्रेस महसूस होने लगता है और लगता है कि समय बहुत तेजी से निकल रहा है। लेकिन ज्यादा काम करने का मतलब यह नहीं है कि अपनी नींद या आराम को कम कर दिया जाए।
समय बचाने के लिए रोज की छोटी-छोटी आदतों में थोड़ा बदलाव करके भी काफी समय बचाया जा सकता है। सही तरह से किया गया काम हर हफ्ते कई घंटे बचा सकता हैं। इसके लिए आपको बस अपने रूटीन में कुछ आसान और असरदार आदतों को शामिल करने की जरूरत है।
1. हर काम के लिए टाइम लिमिट रखें
2. काम की प्रायोरिटी डिसाइड करें
हम दिनभर के काम की लिस्ट बनाते हैं, लेकिन किन कामों से बचना है, इस पर ध्यान नहीं देते। इसके लिए एक छोटी 'न-करने वाली लिस्ट' बनाएं और उसमें ऐसी आदतें लिखें जो आपका समय बेवजह खराब करती हैं। जैसे काम के बीच बार-बार सोशल मीडिया देखना, हर मैसेज का तुरंत जवाब देना या बिना जरूरत की मीटिंग में शामिल होना। जब इन चीजों से बचने का फैसला पहले से तय होगा, तो बार-बार सोचने में समय नहीं जाएगा।
3. काम के बीच दिमाग को दें छोटा ब्रेक
एक काम खत्म करने के तुरंत बाद दूसरे काम पर ध्यान लगाना कई बार मुश्किल होता है। ऐसे में दो कामों के बीच एक छोटा सा ब्रेक या रीसेट रूटीन रखें। जैसे एक मिनट के लिए डेस्क व्यवस्थित करना, गहरी सांस लेना, थोड़ा स्ट्रेच करना या पानी पीना। इससे दिमाग को यह समझने में मदद मिलती है कि पिछला काम खत्म हो चुका है और अब नए काम पर ध्यान देना है।
4. रोज 5 मिनट प्लानिंग करें
दिन की शुरुआत बिना किसी प्लान के करने पर जरूरी काम पीछे छूट सकते हैं और समय छोटे-छोटे कामों में निकल जाता है। इसलिए सुबह सिर्फ पांच मिनट निकालकर पूरे दिन की जरूरी चीजों का प्लान बना लें। लंबी लिस्ट बनाने की जरूरत नहीं है, बस उस दिन के तीन सबसे जरूरी काम तय करें और उनके लिए समय निकालें। इससे आपको दिनभर बार-बार यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि अब कौन सा काम करना है।
5. बार-बार होने वाले कामों को ऑटोमेट करें
जो काम हर दिन या हर हफ्ते रिपीट पड़ते हैं, उन्हें बार-बार हाथ से करने में काफी समय चला जाता है। ऐसे कामों के लिए टेक्नोलॉजी की मदद ली जा सकती है। जैसे बिलों के लिए ऑटो-पेमेंट, बार-बार भेजे जाने वाले ईमेल के लिए टेम्प्लेट और जरूरी कामों के लिए रिमाइंडर सेट करना। इससे आपको हर बार वही काम दोहराने या छोटे-छोटे फैसले लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अच्छी प्रोडक्टिविटी का मतलब सिर्फ ज्यादा काम करना नहीं, बल्कि पूरे दिन को इस तरह जीना है कि काम के साथ आराम और प्राइवेट टाइम के लिए भी जगह बनी रहे। छोटी शुरुआत करके अपनी आदतों में बदलाव लाना ज्यादा आसान होता है। जब काम का तरीका बेहतर होने लगता है, तो दिन कम भागदौड़ वाला और ज्यादा बैलेंस फील होता है।